चमोली: उत्तराखंड विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र आज मंगलवार को भराड़ीसैंण में शुरू हुआ। पहले ही दिन कांग्रेस विधायकों के हंगामे से कार्यवाही सात बार स्थगित करनी पड़ी। इसी बीच मुख्यमंत्री धामी ने 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट और नौ विधेयक सदन में पेश किए।
Monsoon session of Uttarakhand Assembly begins in Gairsen
चमोली जिले के भराड़ीसैंण (गैरसैण) में आज मंगलवार 19 अगस्त से उत्तराखंड विधानसभा सत्र शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत में दिवंगत पूर्व विधायक मुन्नी देवी को श्रद्धांजलि दी गई। लेकिन इस चार दिवसीय विधानसभा मानसून सत्र का पहला दिन विपक्षी हंगामे की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस विधायकों ने कानून-व्यवस्था को लेकर जोरदार विरोध किया, जिसके चलते कार्यवाही सात बार स्थगित करनी पड़ी।
कांग्रेस नेताओं ने पलटी टेबल
दरअसल सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने सचिव की टेबल पलट दी और माइक और टैबलेट तक तोड़ दिया और कार्यसूची फाड़कर सदन में उछाली। इसके अलावा विपक्षी विधायक धरने पर बैठे और आपदा और कानून के मुद्दे पर हंगामा करना शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे “बेहद दुखद” बताया।
CM धामी ने पेश किया अनुपूरक बजट
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शाम को हंगामे के बीच ही 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा। इसके साथ ही नौ विधेयक भी पेश किए गए। जिनमें उत्तराखंड विनियोग 2025-26 का अनुपूरक विधेयक 2025, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश बदरीनाथ एवं केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 (संशोधन) विधेयक 2025, उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक 2025, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2025, उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (निरसन) विधेयक 2025, उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025, समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक 2025, उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2025, उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025 शामिल हैं।
मुद्दों पर चर्चा के बजाय कांग्रेस का हंगामा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि विधानसभा सत्र में जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन कांग्रेस ने हंगामा कर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा—“पंचायत चुनाव में भाजपा की जीत से विपक्ष निराश है, इसलिए हंगामे पर उतारू है। जनता सब देख रही है।