उत्तराखंड देहरादूनRTO will seize vehicle of repeated offender from home

देहरादून: 42 बार चालान होने पर भी नहीं सुधर रहा युवक, अब घर जाकर वाहन जब्त करेगा RTO

देहरादून आरटीओ ने रिपीटेड ऑफेंडर्स पर सख्ती बरतते हुए यह निर्णय है कि जो लोग बार-बार ये गलती दोहरा रहे हैं, उनको चिन्हित कर उनके घर जाकर उनके वाहन सीज किए जाएंगे।

Violation of traffic rules: RTO will seize vehicle of repeated offender from home
Image: RTO will seize vehicle of repeated offender from home (Source: Social Media)

देहरादून: देहरादून में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है, इस कारण कई बार हादसे होते रहते हैं। आरटीओ जांच में पता चला कि कई लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को अपनी आदत बना चुके हैं। बार-बार चालान काटे जाने के बावजूद सुधर नहीं रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने इस पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है।

RTO will seize vehicle of repeated offender from home

देहरादून आरटीओ प्रशासन ने उन लोगों की सूची तैयार की है, जो बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं और सुधरने का नाम नहीं ले रहे। इनमें से 10 ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं, जिनका बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर सबसे ज्यादा बार चालान हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से एक व्यक्ति ऐसा भी है, जिसका अब 42 बार बिना हेलमेट के वाहन चलाने के कारण चालान काटा जा चुका है। आरटीओ ने इस पर सख्ती बरतते हुए यह निर्णय है कि जो लोग बार-बार ये गलती दोहरा रहे हैं, उनको चिन्हित कर उनके घर जाकर उनके वाहन सीज किए जाएंगे।

घर जाकर किए जाएंगे वाहन जब्त

देहरादून आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि इन रिपीटेड ऑफेंडर्स (Repeated Offenders) को सबक सिखाने के लिए अब सख्त कदम उठाया जाएगा। आरटीओ की टीम इन लोगों के घर जाकर उनके वाहन जब्त करेगी और उन्हें आरटीओ कार्यालय लाया जाएगा। इसके अलावा इन लोगों को आरटीओ दफ्तर में दो घंटे की काउंसलिंग भी दी जाएगी, ताकि उन्हें ट्रैफिक नियमों का महत्व समझाया जा सके। इस दौरान उन्हें बच्चों की तरह यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। अगर इनमें से किसी के पास हेलमेट खरीदने के लिए पैसे नहीं होंगे, तो आरटीओ की ओर से हेलमेट भी उपलब्ध कराया जाएगा।

यातायात के नियमों का पालन करें

संदीप सैनी ने कहा कि शहर को व्यवस्थित और सुंदर बनाने में नागरिकों की भूमिका सबसे बड़ी है। प्रशासन अपनी ओर से नियम लागू करता है, लेकिन असल में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम यातायात के नियमों का पालन करें। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 70% चांस होता है कि कोई हादसा एक कैजुअल्टी में बदल जाएगी, ऐसे में इन लोगों को रोकना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक नियमों का पालन करेगा तो शहर में न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि यातायात भी सुचारु रहेगा। लेकिन यदि लापरवाही जारी रही तो इसका खामियाज़ा पूरे शहर को भुगतना पड़ेगा।