उत्तराखंड देहरादूनfather abandoned after mother death Sisters appealed to DM Savin

उत्तराखंड: मां चल बसी तो पिता ने भी फेर लिया मुंह, 4 बहनों ने लगाई गुहार.. भावुक हो उठे डीएम सविन

देहरादून की चार बहनों की मां की मौत होने के बाद पिता ने परिवार की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। गरीबी के कारण ये सभी बहनें शिक्षा से वंचित रह गई, अब बड़ी ने डीएम सविन के पास लगाई मदद की गुहार..

DM Savin Bansal: father abandoned after mother death Sisters appealed to DM Savin
Image: father abandoned after mother death Sisters appealed to DM Savin (Source: Social Media)

देहरादून: कहा जाता है कि जीवन का सबसे बड़ा दुख तब होता है जब मां का साया सिर से उठ जाता है और पिता भी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेते हैं। देहरादून की चार बहनों की कहानी भी कुछ ऐसी ही दुखद है। मां की मौत हो गई और पिता ने परिवार की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। गरीबी के कारण ये सभी बहनें शिक्षा से वंचित रह गई हैं। लेकिन अब डीएम बंसल ने इन चारों बहनों को एक नया जीवन दे दिया है।

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देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी बहन सरिता अपनी तीनों छोटी बहनों को लेकर पहुँची। जहां सरिता ने रोते हुए डीएम को अपना दर्द सुनाया। सरिता ने बताया उनकी मां की डूबने से मौत गई और उनके पिता ने भी परिवार की जिम्मेदारी उठाने से मुंह फेर लिया। अब घर चलाने और तीनों छोटी बहनों की परवरिश की सारी जिम्मेदारी सरीता के ही कंधों पर है। सरिता ने बताया हमारे पास इतना भी पैसा नहीं कि स्कूल की फीस भर सकें, जिस कारण चारों बहनें अब-तक पढ़ाई से वंचित हैं।”

बहनों की व्यथा सुन भावुक हुए डीएम सविन

पीड़ित बच्चियों की व्यथा सुनकर डीएम भावुक हो उठे और उन्होंने अधिकारियों को तीनों छोटी बहनों का तुरंत सरकारी स्कूल में दाखिला कराने और सरिता को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश पर शिक्षा विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए तुरंत तीनों छोटी बहनों का दाखिला राजकीय प्राथमिक विद्यालय, लाडपुर (रायपुर) में करवा दिया।

सरिता को मिलेगा कौशल विकास प्रशिक्षण

तीनों बच्चियों को शिक्षा के साथ किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सामग्री मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, सरिता के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी ने GMDIC को पत्र भेजा है, ताकि उसे कौशल विकास प्रशिक्षण देकर नौकरी या स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। डीएम के इस फैसले के बाद जहां छोटी बहनें पढ़ाई कर सकेंगी, वहीं सरिता भी आत्मनिर्भर बन सकेगी।

बहनों को मुफ्त मिलेगी शिक्षा

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि, “शिक्षा ही बच्चों का असली भविष्य बनाती है। हर बेटी को पढ़ने का अधिकार है और जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि कोई भी बच्ची केवल आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत ऐसे और भी परिवारों की पहचान की जा रही है जिनकी बेटियां गरीबी के कारण पढ़ाई से दूर हैं। इन्हें सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाकर न केवल शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, बल्कि पढ़ाई के लिए आवश्यक सभी सामग्री भी मुफ्त दी जाएगी।