उत्तराखंड उत्तरकाशीTeenage girl got washed away while crossing river on trolley

उत्तराखंड: ट्रॉली से नदी पार करते समय बह गई किशोरी, रेस्क्यू ओपरेशन जारी

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क से भकंवाड गांव तक पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस क्षेत्र में टोंस नदी को पार करने के लिए ग्रामीणों को अस्थायी ट्रॉली का ही सहारा लेना पड़ता है। यही वजह है कि यहां हर समय खतरा बना रहता है।

girl drowned in river: Teenage girl got washed away while crossing river on trolley
Image: Teenage girl got washed away while crossing river on trolley (Source: Social Media)

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले में आज सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां टोंस नदी को अस्थायी ट्रॉली से पार कर रही एक किशोरी अचानक नदी में गिरकर तेज बहाव में बह गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई और किशोरी की तलाश शुरू कर दी।

Teenage girl got washed away while crossing river on trolley

जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी जिले के तहसील मोरी के अंतर्गत ग्राम भकंवाड की निवासी 15 वर्षीय सबीना, पुत्री यासीन नदी पार करते हुए ट्रॉली से गिर गई। सोमवार यानि आज सुबह सबीना अपनी मौसी मेमना के साथ टोंस नदी पर लगी अस्थायी ट्रॉली से नदी पार कर रही थी। उसी दौरान अचानक ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और सबीना का पैर फिसल गया। जिससे वो नदी में जा गिरी और देखते ही देखते सबीना तेज धारा में बह गई। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मोरी थाना पुलिस और SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और नदी किनारे खोजबीन शुरू कर दी। नदी की गहराई और तेज बहाव रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। टीम ने नदी के विभिन्न हिस्सों में रेस्क्यू ओपरेशन चलाया है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है।

हर समय बना रहता है खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि भकंवाड गांव मुख्य सड़क (मोरी-हनोल मार्ग) से करीब 14 किलोमीटर दूर स्थित है। सड़क से गांव तक पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस क्षेत्र में टोंस नदी को पार करने के लिए ग्रामीणों को अस्थायी ट्रॉली का ही सहारा लेना पड़ता है। यही वजह है कि यहां हर समय खतरा बना रहता है। इस क्षेत्र में लंबे समय से सुरक्षित पुल की आवश्यकता है। कई बार प्रशासन से पुल बनाने की मांग उठाई गई है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इस स्थान पर स्थायी और सुरक्षित पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। सबीना की अचानक गुमशुदगी से पूरे गांव में मातम पसर गया है। परिजन बेसुध हैं और ग्रामीण लगातार नदी किनारे खड़े होकर बचाव दल के प्रयासों पर टकटकी लगाए हुए हैं। गांव में हर कोई यही दुआ कर रहा है कि बच्ची का शीघ्र पता लग सके।