उत्तराखंड देहरादूनDriver saved 35 lives with presence of mind

उत्तराखंड: स्टीयरिंग लॉक होने से चीखने-चिल्लाने लगे यात्री, सतर्क चालक ने सूझबूझ से बचाई 35 की जान

बस को अब डिपो में लाया गया है, जहां स्टीयरिंग सिस्टम की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी सामने आई है, लेकिन चालक की प्रशंसा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि उनकी सतर्कता ने 35 जिंदगियों को बचाया।

Driver Saves Lives: Driver saved 35 lives with presence of mind
Image: Driver saved 35 lives with presence of mind (Source: Social Media)

देहरादून: मंगलवार को त्यूनी चकराता मोटर मार्ग चिल्हाड के समीप एक रोडवेज बस का स्टीयरिंग लॉक हो जाने से यात्रियों की सांस अटक गई। गनीमत रही कि चालक ने सूझबूझ दिखाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

Driver saved 35 lives with his presence of mind

कथियान से देहरादून जा रही यूएसआरटीसी (उत्तराखंड राज्य सड़क परिवहन निगम) की बस में सवार 35 यात्री बाल-बाल बच गए। चालक की तत्परता और सूझबूझ भरी कार्रवाई ने एक भयानक दुर्घटना को रोक दिया। यात्रियों ने चालक की जमकर तारीफ की। घटना दोपहर करीब 11 बजे की बताई जा रही है, जब बस चिल्हाड के तीखे मोड़ पर पहुंची। अचानक स्टीयरिंग लॉक हो गया, जिससे बस अनियंत्रित होकर खाई की ओर बढ़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की रफ्तार ज्यादा होने के कारण यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

खाई में गिरने को थी बस

महिलाएं और बच्चे चीखने लगे, लेकिन चालक ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत ब्रेक का दबाव कम किया और बस को सड़क के किनारे की दीवार से हल्के से टकराते हुए रोका। इससे बस रुक तो गई, लेकिन आगे का हिस्सा थोड़ा क्षतिग्रस्त हो गया।

सब कुछ अचानक हो गया। स्टीयरिंग फंस गया और बस खाई की ओर मुड़ने लगी। चालक ने जैसे ही दीवार से बस को साधा, हम सबकी जान में जान आई। यदि थोड़ी देर और होती तो हम सब खाई में समा जाते। - बस में सवार एक यात्री
हादसे में किसी को कोई गंभीर चोट नहीं लगी, सिर्फ हल्की-फुल्की खरोंचें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की और यात्रियों को सुरक्षित निकाला।

अधिकारियों ने की चालक की प्रशंसा

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रोडवेज अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि चालक 15 वर्षों से सेवा में है। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बस को नियंत्रित किया। बस को अब डिपो में ले जाया गया है, जहां स्टीयरिंग सिस्टम की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी सामने आई है, लेकिन चालक की प्रशंसा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि उनकी सतर्कता ने 35 जिंदगियों को बचाया।
यह घटना पहाड़ी सड़कों पर वाहनों की मेंटेनेंस की अहमियत को रेखांकित करती है। हाल ही में उत्तराखंड में ब्रेक फेल या स्टीयरिंग संबंधी कई हादसे हो चुके हैं, जहां चालकों की सूझबूझ ने जानें बचाई हैं। रोडवेज विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि बसों में यात्रा के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।