उत्तराखंड रुद्रप्रयाग108 employee submit tender in Rudraprayag Vikas Bhavan

रुद्रप्रयाग: विकास भवन में टेंडर डालने पहुंचा 108 का कर्मचारी, हुआ ऐसा हंगामा कि बुलानी पड़ी पुलिस

उत्तराखंड के सभी जिलों में आजकल नए-नए विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया गतिमान है, रुद्रप्रयाग में टेंडर डालने के लिए 108 सेवा का कर्मचारी पहुंच गया, इसके बाद हंगामा खड़ा हो गया।

108 employee submit tender: 108 employee submit tender in Rudraprayag Vikas Bhavan
Image: 108 employee submit tender in Rudraprayag Vikas Bhavan (Source: Social Media)

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के सभी जिलों में प्रशासन ने छोटे-बड़े टेंडर के लिए निवेदन आमंत्रित की हैं। रुद्रप्रयाग जिले में भी कई योजनाओं के अंतर्गत टेंडर जमा करने की प्रक्रिया गतिमान है। जिले के विकास भवन में ठेकेदारों ने उसे समय हंगामा खड़ा कर दिया जब 108 सेवा में कार्यरत डीपीओ स्वयं टेंडर डालने पहुंच गया।

108 employee submit tender in Rudraprayag Vikas Bhavan

रुद्रप्रयाग विकास भवन में मौजूद लोगों ने जब काम के बारे में पूछा तो डीपीओ साहब ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वह 108 में कार्यरत हैं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें जाने दिया लेकिन जब लोगों को पता चला कि 108 के डीपीओ साहब भी टेंडर भरने आए हैं तो वहां मौजूद ठेकेदार विरोध करने लगे। विकास भवन में इसके बाद ठेकेदारों ने जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। निविदा जमा करने के लिए डीपीओ अपने साथ कागजातों का लिफाफा भी लेकर आए थे, ठेकेदारों ने वह भी ले लिया। बात यही नहीं रुकी बल्कि इसके बाद विकास भवन के दफ्तर में पुलिस को आना पड़ा।

नौकरी भी, और टेंडर भी

शुभम चौहान नाम के 108 सेवा के ये डीपीओ साहब ग्रामीण निर्माण विभाग के कार्यालय में कागजात जमा करने आए थे, लेकिन लोगों की भीड़ के विरोध के बाद कहने लगे कि डॉक्यूमेंट उनके दोस्त ने जमा करने को कहा है। इसके बाद स्वयं डीपीओ साहब डॉक्यूमेंट को फाड़ने लगे। स्थानीय ठेकेदार संगठन के कड़े विरोध के बाद विकास भवन में पुलिस को बुलाना पड़ा।

पहले भी कर चुका है अभद्रता

संगठन के लोगों ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में सरकारी हस्तक्षेप से वैसे ही कई टेंडर के हाथ से निकल जाते हैं, यूनियन के सदस्यों ने बताया कि इससे पहले भी उनके साथ यह व्यक्ति अभद्रता कर चुका है, यूनियन के सदस्यों को व्यक्ति के द्वारा इससे पहले धमकाया भी गया था। पहले से सरकारी विभागों में काम कर रहे लोग अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर अवैध रूप से टेंडर ले लेते हैं, जिसका वह विरोध कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस डीपीओ को आगे की कार्यवाही के लिए थाने ले गई है।