उत्तराखंड देहरादूनCyber fraud in Gorakhpur by posing as SP of Dehradun

देहरादून का एसपी बताकर गोरखपुर में साइबर ठगी, लूट ली रिक्शेवाले की मेहनत की कमाई

साइबर ठग ने खुद को देहरादून एसपी बताकर रिक्शेवाले से कहा कि अगर वो गिरफ्तारी से बचना चाहता है तो उसे तुरंत 20 हजार रुपये जमा करने होंगे। पैसे जमा होते ही ये मामला खत्म किया जाएगा..

Cyber ​​fraud with rickshaw puller: Cyber   fraud in Gorakhpur by posing as SP of Dehradun
Image: Cyber fraud in Gorakhpur by posing as SP of Dehradun (Source: Social Media)

देहरादून: गोरखपुर में एक रिक्शा चालक साइबर ठगी का शिकार हुआ है। ठगों ने खुद को उत्तराखंड पुलिस अधिकारी बताकर उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी और डराकर 14 हजार रुपये ठग लिए।

Cyber ​​fraud in Gorakhpur by posing as SP of Dehradun

जानकारी के अनुसार बिहार के बेतिया जिले के मूल निवासी नरेश कुमार आनंदबाग तल्ला, गोरखपुर में रिक्शा चलाकर जीवनयापन करते हैं। रोजाना वह 100 से 150 रुपये कमाकर अपने परिवार का पेट पालते हैं। बीते रविवार सुबह करीब 10 बजे नरेश कुमार के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। अज्ञात कॉलर ने खुद को देहरादून का एसपी (पुलिस अधीक्षक) बताया, और रिक्शे वाले को गिरफ्तार करने की धमकी दी। कॉलर ने रिक्शेवाले नरेश पर आरोप लगाया कि वो लगातार अपने फोन पर अश्लील वीडियो देख रहा है। जिस कारण उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कॉलर ने धमकी दी कि नैनीताल से पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने आ रही है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए देने होंगे 20 हजार

खुद को एसपी कहने वाले आरोपी कॉलर ने नरेश से कहा कि अगर वो गिरफ्तारी से बचना चाहता है तो उसे तुरंत 20 हजार रुपये जमा करने होंगे। पैसे जमा होते ही ये मामला खत्म किया जाएगा। अचानक आई इस धमकी से गरीब रिक्शा चालक नरेश घबरा गया। घबराहट में नरेश पास की ही एक दुकान पर दौड़ा। वहां उसने दुकानदार के फोन पे अकाउंट से दो बार में कुल 14 हजार रुपये भेज दिए। रिक्शा वाले के पास इतने ही पैसे थे। इसके बाद उसके पास और पैसे नहीं बचे थे।

अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

पीड़ित नरेश कुमार ने इस घटना के बाद कोतवाली पहुंचकर लिखित तहरीर दी। उन्होंने पूरी कहानी बताई कि कैसे फोन करने वाले ने दबाव डालकर उनसे पैसे ठग लिए। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। नरेश को जिस नंबर से कॉल और जिस खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए उनके आधार पर पुलिस साइबर ठगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।