चमोली: उत्तराखंडी हिमालय में रहने वाली महिलाओं का जज्बा, ताकत और क्षमताएँ ऐसी हैं कि कोई भी दंग रह जाए। चमोली की पहाड़ी महिला का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। जेम्मा कोलेला नाम की एक विदेशी ट्रैकर ने ये वीडियो पोस्ट किया है।
Trekker Gemma Colell becomes fan of Pahadi Aunty
चमोली जिले के एक छोटे से गाँव में एक विदेशी महिला ट्रैकर जेम्मा को, कुछ महिलाएँ अपनी बकरियों के लिए घास काटती नजर आईं। उनमें से एक ने जेम्मा को घास का भारा (गट्ठर) उठाने की चुनौती दे डाली। ट्रैकिंग का अनुभव रखने वाली विदेशी महिला जेम्मा को लगा कि ये कोई बड़ी बात नहीं थी। क्योंकि ट्रैकिंग के दौरान उन्हें वजन उठाने की आदत है तो वो इसे आसानी से उठा लेंगी। लेकिन जेम्मा उसे बमुश्किल हिला सकी जबकि पहाड़ी महिला ने न सिर्फ़ घास के उस विशाल गट्ठर को आसानी से उठा लिया, बल्कि उसे सीधे ट्रक तक भी पहुँचा दिया। वह यह देखकर दंग रह गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
जेम्मा कोलेल(Gemma Colell), जोकि ट्रैकर हैं, ने अपने इन्स्टाग्राम पेज पर उत्तराखंड का एक विडियो अपलोड किया। उन्होंने लिखा.. आपको लगता है कि आप मज़बूत हैं... जब तक कि एक हिमालयी "आंटी" आपको ग़लत साबित न कर दे! विडियो में उत्तराखंड के चमोली की महिला बड़े आसानी से घास के जिस भारे (गट्ठर) को उठा लेती हैं, उसे जेम्मा बमुश्किल हिला डुला पाती हैं। जेम्मा लिखती हैं कि आज सुबह, बाज़ार जाते हुए, उत्तराखंड के चमोली के एक छोटे से गाँव में, मैं दो महिलाओं से मिली जो अपनी भैंसों के लिए घास काट रही थीं। एक घंटे बाद, जब मैं घर वापस आ रही थी, तो उन्होंने सारी घास काटकर अपनी पिकअप में लाद ली थी।
उस "आंटी" ने शरारती मुस्कान के साथ मेरी तरफ़ देखा... और इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती, उसने मुझे घास का एक गट्ठर उठाने की चुनौती दे दी। मैं ट्रेकिंग के दौरान अपनी पीठ पर 20-25 किलो वज़न उठाने की आदी हूँ, लेकिन इसका वज़न 40 किलो से भी ज़्यादा था! और वो? उसने इसे इतनी सहजता से, एक सच्ची पहाड़ी महिला की तकनीक, संतुलन और शालीनता के साथ उठा लिया। जेम्मा आगे लिखती हैं.. 💪विदेशी बनाम पहाड़ी लोग - कोई प्रतिस्पर्धा ही नहीं! विडियो को सोशल मीडिया पर जमकर लोगों का प्यार मिल रहा है.. आप भी देखिये
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