उत्तराखंड देहरादून28 lakhs cheated in the name of being stuck at the airport

उत्तराखंड: लंदन की महिला ने अधेड़ को दिखाए मीठे सपने, एयरपोर्ट पर फंसने के नाम पर ठगे 28 लाख

साइबर ठगों ने पीड़ित व्यक्ति से क्लियरिंग चार्ज, कभी विदेशी मुद्रा प्रमाणपत्र, सुरक्षा शुल्क के नाम पर पैसे मांगे। इस तरह पीड़ित ने कुल 28 लाख रुपये उनके बताए गई विभिन्न खातों में भेज दिए।

Cyber ​​fraud of Rs 28 lakh: 28 lakhs cheated in the name of being stuck at the airport
Image: 28 lakhs cheated in the name of being stuck at the airport (Source: Social Media)

देहरादून: देहरादून के एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर दोस्ती करना बेहद महंगा पड़ गया। लंदन की महिला से फेसबुक के जरिए शुरू हुई दोस्ती ने न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि मानसिक रूप से भी गहरा आघात दिया। महिला ने एयरपोर्ट पर फंसे होने की बात कहकर व्यक्ति से करीब 28 लाख रुपये की ठगी कर ली।

28 lakhs cheated in the name of being stuck at the airport

जानकारी के अनुसार देहरादून निवासी एक 51 वर्षीय व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी तहरीर में बताया कि फेसबुक पर उनकी दोस्ती ‘मारिया विलियम्स’ नाम की एक महिला से हुई थी। महिला ने बताया कि वो लंदन की निवासी है। फेसबुक पर कुछ दिन बातचीत करने के बाद दोनों व्हाट्सएप पर संपर्क करने लगे। उसके बाद 27 सितंबर 2025 को मारिया ने बताया कि वो भारत घूमने आ रही है। भरोसा दिलाने के लिए उसने अपने टिकट और वीजा की कॉपी भी शिकायतकर्ता को भेज दी। जिससे शिकायतकर्ता को विश्वास हो गया कि महिला सचमुच भारत आ रही है।

अलग-अलग बहानों से ठगे 28 लाख

29 सितंबर को पीड़ित के पास एक अनजान नंबर से फोन आया, कॉल उठाने पर एक महिला ने बताया कि वो मुंबई एयरपोर्ट की कर्मचारी बात कर रही है। उसके कुछ देर बाद मारिया ने भी व्यक्ति को कॉल कर कहा कि उसके पास 59 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा (पाउंड) हैं, जिसे क्लीयर कराने के लिए उसे कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। मारिया और एयरपोर्ट की कथित महिला कर्मचारी ने व्यक्ति को विश्वास दिलाया कि अगर वो कुछ रकम खाते में ट्रांसफर कर दे तो प्रक्रिया पूरी होने के बाद सारा पैसा वापस कर दिया जाएगा। उन दोनों ने पीड़ित व्यक्ति से क्लियरिंग चार्ज, कभी विदेशी मुद्रा प्रमाणपत्र, सुरक्षा शुल्क के नाम पर पैसे मांगे। इस तरह पीड़ित ने कुल 28 लाख रुपये उनके बताए गई विभिन्न खातों में भेज दिए।

आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

उसके बाद भी ठगों ने एक बार फिर पीड़ित से साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की, जिसके बाद पीड़ित को संदेह होने लगा। उसने मुंबई एयरपोर्ट हेल्पडेस्क से संपर्क किया, जहां उसे बताया गया कि ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है। तब जाकर पीड़ित को एहसास हुआ कि वो साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर अंजान लोगों रहे सतर्क

एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि इस तरह के मामलों में अक्सर ठग विदेशी महिला या पुरुष की फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी करते हैं। अपराधियों के ये गिरोह खुद को विदेश निवासी बताकर कभी उपहार भेजने, तो कभी मिलने आने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से दोस्ती न करें और किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस को दें।