उत्तराखंड देहरादूनIllegal shrine on government land demolished

देहरादून की नसीम बानो ने हरिद्वार में बनाई अवैध मजार, सरकार ने लिया कड़ा एक्शन तो खुद तोड़ डाली

हरिद्वार जिले में सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार को प्रशासन ध्वस्त करवा दिया। प्रशासन के कड़े एक्शन के बाद अतिक्रमणकर्ता ने स्वयं ही अवैध निर्माण को हटा दिया..

Illegal shrine demolished: Illegal shrine on government land demolished
Image: Illegal shrine on government land demolished (Source: Social Media)

देहरादून: भगवानपुर ब्लॉक में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर बनी एक मजार को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की उन लगातार चल रही मुहिम का हिस्सा है, जिसमें सरकारी संपत्तियों पर किए गए अतिक्रमणों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है।

Illegal shrine on government land demolished.

जानकारी के अनुसार, देहरादून निवासी नसीम बानो, पत्नी इक़बाल हसन, द्वारा हरिद्वार जिले के शहीदवाला ग्रांट गांव में लगभग 0.0120 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मजार का निर्माण किया गया था। इस स्थान को प्रशासन की टीम ने चिन्हित किया था। प्रशासन द्वारा मामले की पुष्टि होने के बाद संबंधित व्यक्ति को विधिवत नोटिस जारी कर explanation देने के लिए कहा गया था। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया।

अतिक्रमणकर्ता ने स्वयं हटाया अवैध निर्माण

जिसके बाद बीते गुरुवार 4 दिसम्बर को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँची। प्रशासनिक दबाव के बाद अतिक्रमणकर्ता ने स्वयं ही अवैध निर्माण को हटाने का निर्णय लिया और टीम की उपस्थिति में मजार को तोड़ दिया गया। जिला प्रशासन ने जमीन को दोबारा अपने कब्जे में लेते हुए मामले का निस्तारण कर दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण सहन नहीं किया जाएगा और आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

स्वास्थ्य विभाग की भूमि पर बनी मजार

प्रशासन द्वारा की गई इस तरह की कार्रवाई कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले 26 नवंबर को भी पिरान कलियर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार को बुलडोजर चलाकर गिराया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने इस अतिक्रमण के संबंध में पहले ही नोटिस जारी कर संबंधित लोगों को निर्धारित समय सीमा में निर्माण हटाने के लिए कहा था, लेकिन समय बीतने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुँचकर सख्ती दिखाते हुए अवैध मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।