देहरादून: उत्तराखंड मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जनवरी की रात से प्रदेश में व्यापक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर 2800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात होने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही कई जिलों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की आशंका भी जताई गई है।
Uttarakhand Weather Update 21 January 2026
उत्तराखंड में जहां मैदानी इलाकों में घना कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने से हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। पहाड़ों में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, हालांकि दिन के समय धूप से थोड़ी राहत जरूर मिल रही है। उत्तराखंड में दिसंबर और जनवरी के अधिकांश हिस्से में बर्फबारी न होने से जहां पर्यटक मायूस हैं, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। बारिश और हिमपात की कमी के कारण फसलों को नुकसान पहुंच रहा है।
ऐसे में 23 जनवरी को संभावित भारी बर्फबारी को कृषि और जल स्रोतों के लिए राहत के रूप में भी देखा जा रहा है। उत्तराखंड को 22 जनवरी की रात से एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करेगा। यह प्रणाली ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय रहेगी और निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाओं को जन्म देगी। साथ ही अरब सागर से भारी मात्रा में नमी का प्रवाह उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ेगा, जिससे 23 और 24 जनवरी को उत्तराखंड में तेज बारिश, भारी बर्फबारी और तूफानी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार आज बुधवार 21 जनवरी को उत्तराखंड के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि कल 22 जनवरी की रात से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर 24 जनवरी दोपहर तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान 23 जनवरी को मौसम की गतिविधियां सबसे अधिक तीव्र रहने की संभावना है। विशेष रूप से पहाड़ी जिलों चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बर्फबारी होने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी हो सकती है। वहीं मैदानी जिलों जैसे देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। इसके बाद 24 जनवरी को प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की संभावना बनी रहेगी।