देहरादून: उत्तराखंड में होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग से जुड़े वर्दी सामग्री खरीद घोटाले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
Deputy Commandant Amitabh Srivastava suspended in Home Guard uniform scam
दरअसल यह मामला वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान होमगार्ड्स के लिए की गई वर्दी सामग्री खरीद प्रक्रिया से जुड़ा है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताएं, पारदर्शिता की कमी और नियमों के उल्लंघन की स्थिति सामने आई थी। महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा, देहरादून की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में भी टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद महानिदेशक की संस्तुति पर मुख्यमंत्री ने निलंबन की कार्रवाई करते हुए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए।
CM धामी का सख्त संदेश: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्ट आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घोटाले को लेकर सामने आए आरोपों के अनुसार, विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत से एक करोड़ रुपये के सामान का भुगतान तीन करोड़ रुपये तक दिखाया गया। बताया जा रहा है कि बाजार कीमत और टेंडर रेट के बीच भारी अंतर होने के कारण मामला संदेह के घेरे में आया और फिर जांच शुरू हुई।
हर सामान तीन गुना महंगा दिखाने का दावा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरीद में कई वस्तुओं की कीमत बाजार भाव से कई गुना अधिक दिखाई गई। आरोपों में कहा गया कि ₹130 का डंडा ₹375 में, ₹500 का जूता ₹1500 में, ₹1200 की पेंट-शर्ट ₹3000 में और ₹500 की जैकेट ₹1580 में खरीदने का भुगतान दर्शाया गया। जब जांच टीम ने बाजार से कोटेशन लिए तो कई सामानों के दामों में बड़ा अंतर सामने आया, जिससे यह शक गहरा गया कि विभाग में खरीद लगभग तीन गुना अधिक कीमत पर कराई जा रही थी।
टेंडर निरस्त कर खरीद पर लगी रोक
बताया जा रहा है कि यह अनियमितता वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुई थी। इसके बाद जब वित्तीय वर्ष 2025-26 में फिर से इसी दर पर टेंडर निकाला गया, तब विभाग में तैनात नए महानिदेशक पीवीके प्रसाद ने इसे गंभीरता से देखा और घोटाले का खुलासा हुआ। इसके बाद टेंडर को निरस्त कराया गया और वर्दी खरीद पर रोक लगा दी गई।
रिकवरी और केस की सिफारिश
रिपोर्ट के अनुसार, महानिदेशक स्तर से शासन को यह भी भेजा गया था कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज कराया जाए। दो करोड़ रुपये की रिकवरी की जाए और गंभीरता को देखते हुए आगे कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में अब मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमांडेंट अमिताभ श्रीवास्तव के निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं।