देहरादून: गढ़वाल की युवती ने देहरादून में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, मानसिक उत्पीड़न और अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया इन्फ़्लुएन्सर केशव थलवाल के साथ बातचीत में पीड़िता का दावा है कि उसे ऑनलाइन नौकरी की तलाश के दौरान देहरादून से कॉल कर “वैकेंसी” बताई गई, लेकिन बाद में यह काम स्पा सेंटर से जुड़ा निकला। युवती का कहना है कि उसे पार्लर/रिसेप्शन का काम समझकर बुलाया गया और बाद में उसे धमकाकर, मारपीट कर तथा वीडियो बनाकर दबाव में रखा गया।
Garhwal girl blackmailed in Dehradun spa center
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसने नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
ऑनलाइन जॉब का कॉल, वैकेंसी के बहाने बुलाया देहरादून
सोशल मीडिया इन्फ़्लुएन्सर केशव थलवाल के साथ बातचीत में युवती के विस्तार से बात की, पीड़िता के अनुसार, वह लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रही थी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम ढूंढ रही थी। इसी दौरान उसे देहरादून से एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि एक जगह वैकेंसी खाली है और तुरंत जॉइनिंग की बात कही गई। युवती का कहना है कि उसे लगा यह पार्लर या रिसेप्शन से जुड़ा सामान्य काम होगा, इसलिए वह नौकरी के लिए देहरादून चली गई।
पहुंचते ही ले लिए डॉक्यूमेंट
पीड़िता ने बताया कि देहरादून पहुंचने के बाद उससे उसके सभी डॉक्यूमेंट ले लिए गए। शुरुआती कुछ दिनों तक उसे रिसेप्शन पर रखा गया, जिससे उसे यह भरोसा होता रहा कि यह सामान्य नौकरी है। लेकिन कुछ समय बाद परिस्थितियां बदलने लगीं और उसे असहज महसूस होने लगा।
दावा: वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल, विरोध पर मारपीट
युवती के आरोपों के अनुसार, लगभग दो महीने बाद उसे पता चला कि उसके कुछ अश्लील वीडियो बना लिए गए हैं। इसके बाद उसे धमकाया जाने लगा और विरोध करने पर मारपीट भी की गई। पीड़िता का कहना है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया गया और उसे मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की गई।
घर तक पहुंचे स्पा संचालक और पत्नी
पीसफुल स्पा के मालिक बिजनौर के राजकुमार और उसकी पत्नी पर आरोप हैं कि उन्होंने गढ़वाल की इस युवती को जबरन स्पा सेंटर में काम करवाया। युवती नौकरी छोड़कर घर गई तो यह लोग उसके घर पहुंच गए लूटपाट की, सोने के गहने तक लूट लिए। इससे युवती और उसके परिवार पर मानसिक दबाव और भय का माहौल बन गया। पीड़िता का कहना है कि वह इतनी टूट गई कि उसने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश तक कर डाली।
नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत, कार्रवाई न होने का दावा
पीड़िता ने बताया कि उसने पूरे मामले को लेकर देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन उसका आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता के मुताबिक, कथित स्पा संचालक ने उसे यह कहकर डराया कि “पुलिस उसकी जेब में है”, जिससे वह और अधिक भयभीत हो गई।
महिलाओं की सुरक्षा और फर्जी नौकरी का जाल
यह मामला सिर्फ एक युवती की शिकायत नहीं, बल्कि उन सैकड़ों युवतियों के लिए चेतावनी है जो नौकरी की तलाश में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भरोसा करके नए शहरों में जाती हैं।
ऐसे मामलों में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि पीड़िताओं को समय पर सुरक्षा, कानूनी सहायता और भरोसेमंद कार्रवाई मिले।
विशेषज्ञों की सलाह: नौकरी के नाम पर बुलाने वालों की जांच जरूरी
साइबर और महिला सुरक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि आजकल “जॉब कॉल” के जरिए युवतियों को फंसाने के मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि कोई भी नौकरी जॉइन करने से पहले:
कंपनी/संस्थान की ऑफिशियल जानकारी सत्यापित करें
एड्रेस और रजिस्ट्रेशन डिटेल जांचें
किसी अनजान कॉल पर तुरंत शहर न जाएं
परिवार/दोस्तों को लोकेशन शेयर करें
किसी भी दबाव में डॉक्यूमेंट जमा न करें
निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई जरूरी
पीड़िता के आरोप गंभीर हैं और यदि ये तथ्य जांच में सही पाए जाते हैं तो यह मामला ब्लैकमेलिंग, महिला उत्पीड़न, धमकी और साइबर अपराध जैसी धाराओं के तहत आता है। ऐसे में आवश्यक है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और पीड़िता को सुरक्षा व न्याय मिल सके।
फिलहाल पीड़िता की शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने का दावा प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।