उत्तराखंड टिहरी गढ़वालMunicipal Chairman Mohan Singh Rawat leads district hospital protest

गढ़वाल: एम्बुलेंस न मिलने से हुई महिला की मौत, जिला अस्पताल के खिलाफ धरने पर नगर पालिकाध्यक्ष

नई टिहरी के जिला अस्पताल बौराडी में एम्बुलेंस न मिलने से महिला की मौत के आरोप के बाद पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत पर्यावरण मित्रों के साथ धरने पर बैठ गए। CMO से वार्ता के दौरान तीखी बहस हुई, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग तेज।

district hospital protest: Municipal Chairman Mohan Singh Rawat leads district hospital protest
Image: Municipal Chairman Mohan Singh Rawat leads district hospital protest (Source: Social Media)

टिहरी गढ़वाल: जिला अस्पताल की कथित बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में नगर पालिका अध्यक्ष Mohan Singh Rawat ने निर्णायक कदम उठाते हुए जिला अस्पताल बौराडी परिसर में धरना शुरू कर दिया है। उनके नेतृत्व में पर्यावरण मित्र (सफाई कर्मी) भी आंदोलन में शामिल हैं। आरोप है कि बीती रात एक सफाई कर्मी के अनुरोध के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई, जिसके चलते एक महिला ने खाड़ी में दम तोड़ दिया।

Municipal Chairman Mohan Singh Rawat leads district hospital protest

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धरने पर बैठे लोगों के मुताबिक, रात के समय गंभीर स्थिति में महिला को तत्काल एम्बुलेंस की जरूरत थी। कई बार अनुरोध करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने वाहन उपलब्ध नहीं कराया। समय पर मदद न मिलने से महिला की जान चली गई। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया है।

स्वास्थ्य को लेकर निर्णायक लड़ाई — पालिकाध्यक्ष

पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने कहा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विफलता का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी—चाहे वह एम्बुलेंस उपलब्धता हो, स्टाफिंग हो या जवाबदेही तय करना।

पर्यावरण मित्रों की भागीदारी

आंदोलन में शामिल पर्यावरण मित्रों ने बताया कि सफाई कर्मियों और आम मरीजों को अक्सर बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने एम्बुलेंस, आपात सेवाओं और सम्मानजनक व्यवहार की मांग उठाई।

CMO से वार्ता, धरनास्थल पर तीखी बहस

मामले की गंभीरता देखते हुए डॉ. श्याम विजय (सीएमओ) वार्ता के लिए धरनास्थल पहुंचे। इस दौरान धरने पर बैठे लोगों ने कथित लापरवाही को लेकर कड़ी आपत्ति जताई और खरी-खोटी सुनाई। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ठोस आश्वासन और तत्काल सुधारात्मक कदम की मांग की।

क्या हैं मांगें

24×7 एम्बुलेंस उपलब्धता और जवाबदेही तय हो
आपात सेवाओं के लिए स्पष्ट SOP लागू हो
स्टाफ की कमी दूर की जाए, ड्यूटी रोस्टर पारदर्शी हो
घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई

प्रशासनिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा

धरना जारी है। प्रशासन की ओर से औपचारिक लिखित बयान/आदेश का इंतजार किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, विरोध जारी रहेगा।