उत्तराखंड देहरादूनIAS Promotion Stuck in Seniority Dispute Key UPSC Meeting Today

Uttarakhand News: आज होगी UPSC की DPC बैठक, उत्तराखंड को मिल सकते हैं नए IAS अधिकारी

उत्तराखंड में पदोन्नति कोटे के तहत खाली पड़े IAS कैडर के पदों पर 3 फरवरी को UPSC के समक्ष DPC बैठक होने जा रही है। इस बैठक के बाद राज्य को दो नए IAS अधिकारी मिलने की उम्मीद है, जबकि आगे कई और पदोन्नतियों का रास्ता खुल सकता है।

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Image: IAS Promotion Stuck in Seniority Dispute Key UPSC Meeting Today (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में पदोन्नति कोटे के तहत खाली पड़े आईएएस (IAS) कैडर के पदों को लेकर लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। राज्य में वर्ष 2022 के सापेक्ष रिक्त दो IAS पदों के लिए 03 फरवरी को Union Public Service Commission (UPSC) के समक्ष विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अहम बैठक आयोजित की जा रही है।

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इस बैठक के लिए राज्य के कार्मिक विभाग ने सभी आवश्यक सेवा अभिलेख और योग्य पीसीएस अधिकारियों की सूची यूपीएससी को सौंप दी है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद उत्तराखंड को जल्द ही दो नए IAS अधिकारी मिल सकते हैं।

3 साल की रिक्तियों पर एक साथ DPC की थी तैयारी

दरअसल, उत्तराखंड शासन की मंशा थी कि वर्ष 2022, 2023 और 2024 की रिक्तियों के आधार पर एक साथ DPC आयोजित कराई जाए। इसी क्रम में तीनों वर्षों की रिक्तियों और अर्ह पीसीएस अधिकारियों का विवरण यूपीएससी को भेजा गया था। हालांकि, यूपीएससी ने फिलहाल केवल वर्ष 2022 की दो रिक्तियों के सापेक्ष ही DPC कराने की अनुमति दी है। आने वाले समय में शेष वर्षों की रिक्तियों पर भी बैठक की संभावना जताई जा रही है।

सात PCS अधिकारियों के नाम UPSC के सामने

राज्य सरकार की ओर से सीनियरिटी और पात्रता के आधार पर कुल सात पीसीएस अधिकारियों के नाम DPC के लिए भेजे गए हैं। इनमें भगवत किशोर, बंसीलाल राणा, नरेंद्र सिंह कुरियाल, हरक सिंह रावत, भगवान सिंह चलाल,चंद्र सिंह धर्मशक्तू और जीवन सिंह नग्नियाल शामिल हैं। आज 03 फरवरी को होने वाली DPC बैठक में इन सभी नामों पर विस्तृत रूप से विचार किया जाएगा।

दिवंगत अधिकारियों के नाम पर भी होगा विचार

सीनियरिटी सूची में सबसे ऊपर भगवत किशोर का नाम है, लेकिन उनका निधन हो चुका है। इसी तरह सूची में शामिल हरक सिंह रावत का भी देहांत हो चुका है। हालांकि, वर्ष 2022 की रिक्ति अवधि के दौरान दोनों अधिकारी सेवा में थे, इसलिए नियमों के तहत उनके नाम DPC में कंसीडर किए जा रहे हैं। अब यह फैसला DPC को लेना है कि मरणोपरांत IAS कैडर का लाभ इन्हें दिया जाए या नहीं।
यदि यूपीएससी भगवत किशोर के नाम पर विचार नहीं करती है, तो ऐसी स्थिति में बंसीलाल राणा और नरेंद्र सिंह कुरियाल का IAS कैडर में पदोन्नत होना लगभग तय माना जा रहा है।

IAS कैडर में पदोन्नति के नियम

नियमों के अनुसार, IAS कैडर में पदोन्नति के लिए पीसीएस अधिकारी के पास कम से कम 8 वर्ष की डिप्टी कलेक्टर स्तर की सेवा होनी चाहिए। अधिकारी की आयु 56 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा राज्य में इस समय 8 IAS पद खाली होने आवश्यक हैं। ऐसे में बात करें उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति की तो प्रदेश में वर्ष 2022 के सापेक्ष 2 पद रिक्त हैं, वर्ष 2023 के सापेक्ष: 2 पद रिक्त और वर्ष 2024 के सापेक्ष: 4 पद रिक्त हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 8 IAS पद फिलहाल पदोन्नति कोटे के तहत खाली पड़े हैं।
इसके अलावा, साल 2027 तक 6 IAS अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इनमें IAS हरिश्चंद्र सेमवाल पहले ही रिटायर हो चुके हैं।
इन आंकड़ों के आधार पर, 2027 तक कुल 14 पीसीएस अधिकारियों के लिए IAS कैडर में पदोन्नति का अवसर बन सकता है।

PCS सीनियरिटी विवाद बना सबसे बड़ी बाधा

पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ा रोड़ा पीसीएस सीनियरिटी विवाद है। यह मामला अभी न्यायालय में लंबित है, जिसके चलते कार्मिक विभाग अब तक अंतिम सीनियरिटी सूची जारी नहीं कर पाया है। विभाग ने केवल अनंतिम सूची तैयार कर रखी है।
इस विवाद के कारण कई योग्य पीसीएस अधिकारियों को समय पर पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। चिंता की बात यह है कि कई अधिकारी 56 वर्ष की आयु सीमा के करीब पहुंच चुके हैं। यदि समय रहते DPC नहीं हुई, तो वे IAS बनने का अवसर हमेशा के लिए खो सकते हैं।

DPC बैठक क्यों है बेहद अहम

03 फरवरी को होने वाली DPC बैठक को इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि—
यह वर्ष 2022 की रिक्तियों पर अंतिम फैसला करेगी
आने वाले वर्षों की पदोन्नति प्रक्रिया की दिशा तय करेगी
उत्तराखंड प्रशासन को दो नए IAS अधिकारी मिलने का रास्ता साफ कर सकती है
अब राज्य के प्रशासनिक गलियारों से लेकर पीसीएस अधिकारियों तक, सभी की निगाहें UPSC और DPC के फैसले पर टिकी हैं।