देहरादून: उत्तराखंड में CAA 2019 के तहत 159 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिलने जा रही है। गृह विभाग की विस्तृत जांच के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से आए 153 और अफगानिस्तान से आए 6 लोगों के आवेदन स्वीकार कर लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार जताया।
159 Hindu Refugees in Uttarakhand to Get Indian Citizenship Under CAA
सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019 (CAA) के तहत उत्तराखंड में रहने वाले 159 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। गृह विभाग की गहन जांच के बाद भारत सरकार ने इन सभी के आवेदन स्वीकार कर लिए हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें पाकिस्तान से आए 153 और अफगानिस्तान से आए 6 हिंदू शरणार्थी शामिल हैं। ये सभी 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने आए थे।
क्या है नागरिक संशोधन अधिनियम 2019?
Citizenship Amendment Act, 2019 को वर्ष 2019 में संसद से पारित किया गया था। यह अधिनियम मूल रूप से Citizenship Act, 1955 में संशोधन है। उस समय संसद में विपक्ष के विरोध और भारी हंगामे के बीच गृह मंत्री Amit Shah ने इस कानून की आवश्यकता को स्पष्ट किया था। बाद में राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ यह कानून लागू हुआ। इस संशोधन के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया।
उत्तराखंड में कैसे हुई जांच प्रक्रिया?
उत्तराखंड के गृह विभाग ने सभी 159 आवेदनों की विस्तृत जांच की। पहचान, दस्तावेज, निवास अवधि और अन्य कानूनी औपचारिकताओं की पुष्टि के बाद ही केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी गई। बताया जा रहा है कि अब तक देशभर में करीब 400 लोगों को CAA के तहत नागरिकता दी जा चुकी है।
सीमा जागरण मंच की अहम भूमिका
इस प्रक्रिया में Seema Jagran Manch ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगठन ने शरणार्थी परिवारों से संपर्क स्थापित किया, उनके आवेदन भरवाए और उन्हें गृह विभाग में दर्ज कराया। बाद में जांच एजेंसियों ने सभी मामलों की पुष्टि की।
नागरिकता के लिए भटक रहे हिंदू परिवार
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि CAA में संशोधन कर केंद्र सरकार ने वर्षों से नागरिकता के लिए भटक रहे हिंदू परिवारों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम सफल नहीं हो पाए।
जब CAA 2019 संसद में पेश किया गया था, तब विपक्षी दलों और वामपंथी संगठनों ने इसका कड़ा विरोध किया था। देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन और आंदोलन भी हुए थे। हालांकि केंद्र सरकार ने इसे धार्मिक उत्पीड़न झेल रहे अल्पसंख्यकों के लिए मानवीय कदम बताया।
भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र
नागरिकता आवेदन स्वीकार होने के बाद जल्द ही सभी 159 लोगों को औपचारिक रूप से भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं, रोजगार और अन्य अधिकारों का लाभ मिल सकेगा।