उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Government Revises Mahavir Jayanti Holiday to 30 March

Breaking News: 30 मार्च को उत्तराखंड में रहेगा सार्वजनिक अवकाश, जानिए कारण

उत्तराखंड सरकार ने महावीर जयंती की छुट्टी 31 मार्च से बदलकर 30 मार्च कर दी है। अब 30 मार्च को सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे और 31 मार्च को खुले रहेंगे।

Mahavir Jayanti holiday 2026: Uttarakhand Government Revises Mahavir Jayanti Holiday to 30 March
Image: Uttarakhand Government Revises Mahavir Jayanti Holiday to 30 March (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने महावीर जयंती की छुट्टी को लेकर चल रहे सभी भ्रम को खत्म कर दिया है। सरकार की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार अब महावीर जयंती की छुट्टी 31 मार्च की बजाय 30 मार्च को होगी। इस फैसले के बाद अब सभी सरकारी कार्यालय 30 मार्च को बंद रहेंगे, जबकि 31 मार्च को सामान्य रूप से खुले रहेंगे।

Uttarakhand Government Revises Mahavir Jayanti Holiday to 30 March

दरअसल, पहले सरकारी कैलेंडर में महावीर जयंती 31 मार्च को घोषित की गई थी। लेकिन जैन पंचांग के अनुसार यह पर्व 30 मार्च को पड़ता है। इसी विसंगति को दूर करने के लिए सरकार ने छुट्टी की तारीख में संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है।

सरकार का आधिकारिक आदेश

सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 31 मार्च को घोषित अवकाश को संशोधित करते हुए अब 30 मार्च कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद 30 मार्च को सभी सरकारी कार्यालय, संस्थान और विभाग बंद रहेंगे, जबकि 31 मार्च को कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा।

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

इस बदलाव से सरकारी कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिला है। दरअसल, 29 मार्च को रविवार है और 30 मार्च को महावीर जयंती की छुट्टी मिल रही है। इस तरह कर्मचारियों को लगातार दो दिन की छुट्टी का लाभ मिलेगा, जिससे उनका वीकेंड और बेहतर हो गया है।

क्या है महावीर जयंती का महत्व?

महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर Bhagwan Mahavir के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। यह पर्व हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च या अप्रैल में पड़ती है। वर्ष 2026 में यह पर्व 30 मार्च को मनाया जाएगा। यह दिन अहिंसा, शांति और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देता है।

भगवान महावीर का जीवन और संदेश

भगवान महावीर को जैन धर्म में एक महान आध्यात्मिक गुरु के रूप में माना जाता है। वे छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारत में हुए और उन्होंने लोगों को मोक्ष प्राप्ति का मार्ग दिखाया। उनके उपदेश आज भी समाज को सत्य, अहिंसा और आत्मसंयम का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देते हैं। इसी कारण महावीर जयंती का धार्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टि से विशेष महत्व है।
महावीर जयंती की छुट्टी की तारीख में बदलाव से जहां प्रशासनिक स्पष्टता आई है, वहीं कर्मचारियों को भी अतिरिक्त लाभ मिला है। यह फैसला धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप लिया गया है, जिससे लोगों में संतोष देखा जा रहा है।