उधमसिंह नगर: जनपद उधम सिंह नगर में सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय हनीट्रैप गिरोह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यह गिरोह खासतौर पर युवकों को टारगेट करता है। पहले फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य प्लेटफॉर्म पर दोस्ती की जाती है, फिर बातचीत बढ़ाकर फोन नंबर लिया जाता है। इसके बाद मुलाकात के बहाने युवकों को बुलाया जाता है और उन्हें घर या कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया जाता है।
Honeytrap Gang Targets Youths in Udham Singh Nagar
इन गिरोहों का सबसे खतरनाक तरीका है—अश्लील वीडियो बनाना। युवकों को धमकाकर या बहाने से उनका वीडियो रिकॉर्ड किया जाता है और फिर लाखों रुपये की मांग की जाती है। अगर पीड़ित पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ मारपीट भी की जाती है। लोकलाज और बदनामी के डर से कई लोग शिकायत तक नहीं करते और पैसे देकर मामला दबा देते हैं। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के रामपुर से जुड़े हुए हैं। फरवरी में जौहर उर्फ महक नाम की युवती की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद रामपुर के कई लोग भी शिकायत लेकर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे थे।
हाल के प्रमुख मामले
बीते 12 मार्च को रामपुर के एक युवक ने ट्रांजिट कैंप की एक युवती पर फंसाकर लूटपाट और मारपीट का आरोप लगाया। इस मामले की जांच अभी जारी है।
उससे पहले बीते 27 जनवरी को गदरपुर पुलिस ने गिरोह की सरगना जौहर उर्फ महक को गिरफ्तार किया। हालांकि गिरोह के कई सदस्य अभी भी फरार हैं।
उससे पहले काशीपुर में 15 दिसंबर 2025 को एक व्यापारी को होटल में बुलाकर रेप केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये मांगे गए। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
किच्छा में 12 जून 2025 को “लुटेरी दुल्हन गैंग” ने शादी का झांसा देकर गहने और नकदी लूट ली। मुख्य महिला आरोपी और उसके नकली भाई को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के लिए बढ़ती चुनौती
पुलिस ने ट्रांजिट कैंप सहित कई जगहों पर छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों को पकड़ा है, लेकिन इसके बावजूद यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।
एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी के अनुसार “लोगों को सोशल मीडिया किसी अनजान से दोस्ती करने से बचना चाहिए और सतर्क रहना जरूरी है।” अपनी निजी जानकारी और फोटो शेयर न करें और पहली मुलाकात हमेशा सार्वजनिक स्थान पर करें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
ऊधमसिंह नगर में हनीट्रैप गिरोह का बढ़ता नेटवर्क समाज और पुलिस दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। लोगों को चाहिए कि वे सोशल मीडिया पर सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।