उत्तराखंड हल्द्वानीHaldwani Plans E-Rickshaw Ban on Major Roads

Haldwani News: हल्द्वानी में ई रिक्शा पर लगेगा बैन, जाम से मिलेगी राहत; बड़े एक्शन की तैयारी

Haldwani News: हल्द्वानी में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी। जानिए किन रूट्स पर लग सकता है बैन और क्या होगा असर।

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Image: Haldwani Plans E-Rickshaw Ban on Major Roads (Source: Social Media)

हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़कों पर अव्यवस्था की समस्या अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग देहरादून मॉडल को अपनाते हुए शहर की प्रमुख सड़कों पर ई-रिक्शा के संचालन पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजने जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Haldwani Plans E-Rickshaw Ban on Major Roads

हल्द्वानी में वर्तमान समय में लगभग 4500 ई-रिक्शा और करीब 2800 ऑटो संचालित हो रहे हैं। खासतौर पर रामपुर रोड, बरेली रोड, नैनीताल रोड और कालाढूंगी रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर इनकी संख्या अधिक है। जहां ऑटो रिक्शा निर्धारित स्टैंड और नियमों के तहत चलते हैं, वहीं ई-रिक्शा की अनियंत्रित संख्या और संचालन का कोई स्पष्ट सिस्टम न होने के कारण ट्रैफिक पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि पीक ऑवर्स में इन सड़कों पर जाम की स्थिति आम हो गई है।

नियमों की अनदेखी से बढ़ रही अव्यवस्था

ई-रिक्शा चालकों द्वारा कई बार यातायात नियमों की अनदेखी की जाती है, जिससे सड़क पर अव्यवस्था और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। किराया सूची का अभाव, अनियमित स्टॉपेज और कहीं भी सवारी उठाने-उतारने की प्रवृत्ति से ट्रैफिक बाधित होता है। परिवहन विभाग समय-समय पर अभियान चलाता है, लेकिन इनका असर स्थायी रूप से देखने को नहीं मिलता। ऐसे में विभाग अब स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है।

देहरादून मॉडल से मिलेगी प्रेरणा

परिवहन विभाग देहरादून में लागू ट्रैफिक व्यवस्था को हल्द्वानी में लागू करने की योजना बना रहा है। देहरादून में कुछ प्रमुख मार्गों पर सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित किया गया है, जिससे ट्रैफिक जाम में काफी राहत मिली है। अधिकारियों का मानना है कि इसी मॉडल को हल्द्वानी में लागू करने से भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।आगे पढ़िए..

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इन प्रमुख सड़कों पर लग सकता है प्रतिबंध

प्रारंभिक योजना के अनुसार शहर की कुछ प्रमुख और अत्यधिक व्यस्त सड़कों पर ई-रिक्शा संचालन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इनमें कालाढूंगी रोड पर कालूसिद्ध मंदिर से कुसुमखेड़ा तक, नैनीताल रोड पर सिंधी चौराहे से शीशमहल तक, रामपुर रोड पर एसटीएच से सरगम तक और बरेली रोड पर पुराने टेंपो स्टैंड का क्षेत्र शामिल हो सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय सर्वे रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

प्रस्ताव से लेकर अंतिम निर्णय तक की प्रक्रिया

इस पूरे मामले में सबसे पहले परिवहन विभाग जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजेगा। इसके बाद एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा, जो शहर की सड़कों का सर्वे करेगी और यह तय करेगी कि किन-किन मार्गों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा और अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है, लेकिन इसे स्थायी समाधान के तौर पर देखा जा रहा है।

पुलिस के पास भी हैं सीमित अधिकार

परिवहन विभाग के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में ट्रैफिक और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस को भी किसी सड़क पर वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाने का अधिकार है। हालांकि यह प्रतिबंध अधिकतम एक महीने तक ही लागू किया जा सकता है। यदि लंबे समय के लिए प्रतिबंध लगाना हो, तो इसके लिए शासन से अनुमति लेना जरूरी होता है, जिसके लिए विस्तृत प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो एक ओर जहां शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर ई-रिक्शा चालकों के सामने रोज़गार की चुनौती खड़ी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने संतुलन बनाना एक बड़ी जिम्मेदारी होगी, ताकि यातायात व्यवस्था भी सुधरे और लोगों की आजीविका पर भी ज्यादा असर न पड़े।