उत्तराखंड अल्मोड़ाBJP MLA Raises Questions Over Brother Death FIR Registered

Uttarakhand: उत्तराखंड में विधायक के भाई की मौत या आत्महत्या? MLA ने उठाए सवाल; सोशल मीडिया पोस्ट पर सस्पेंस

रानीखेत बीजेपी विधायक प्रमोद नैनवाल ने अपने भाई सतीश नैनवाल की असामयिक मौत को लेकर साजिश की आशंका जताई है। सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर पुलिस में शिकायत दी गई है। मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

Uttarakhand BJP MLA: BJP MLA Raises Questions Over Brother Death FIR Registered
Image: BJP MLA Raises Questions Over Brother Death FIR Registered (Source: Social Media)

अल्मोड़ा: जनपद अल्मोड़ा के रानीखेत विधानसभा के भाजपा विधायक प्रमोद नैनवाल ने अपने भाई सतीश नैनवाल की अचानक हुई मृत्यु को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए साजिश की आशंका जताई है। विधायक का कहना है कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं लगती और इसके पीछे किसी गहरे षड्यंत्र की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

BJP MLA Raises Questions Over Brother's Death FIR Registered

विधायक प्रमोद नैनवाल के अनुसार, उनके भाई की मौत से ठीक पहले इंटरनेट मीडिया पर कई आपत्तिजनक और संदिग्ध पोस्ट डाली गई थीं। इन पोस्टों की भाषा और आशय को लेकर उन्होंने चिंता जताई है। उनका आरोप है कि इन पोस्टों के माध्यम से उनके भाई को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनकी सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्ट के कुछ ही समय बाद सतीश नैनवाल की मृत्यु होना इस पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बनाता है। प्रमोद नैनवाल ने भतरौंजखान थाने में लिखित तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस को दिए गए आवेदन में कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं, जिन पर इन पोस्टों को डालने का आरोप है।आगे पढ़िए..

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संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। विधायक ने आरोप लगाया है कि नामित व्यक्तियों ने जानबूझकर उनके भाई पर मानसिक दबाव बनाने और सामाजिक बदनामी करने की कोशिश की। उनका मानना है कि इस तरह की गतिविधियों ने उनके भाई की मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला होगा। उन्होंने आशंका जताई कि यह पूरा मामला केवल सोशल मीडिया विवाद नहीं, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र भी हो सकता है। तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि विधायक को इंटरनेट मीडिया के जरिए गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी गईं। प्रमोद नैनवाल ने स्पष्ट कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे, जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट, आरोपों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की जांच की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।