उत्तराखंड देहरादून5 Brothers Marry Together in Unique Traditional Ceremony in Uttarakhand

Uttarakhand news: उत्तराखंड में अनूठी शादी, 1 मंडप में 5 भाइयों की शादी; बारात लेकर दूल्हों के घर आईं दुल्हनें

उत्तराखंड में एक ही परिवार के पांच भाइयों की एक साथ शादी ने सबका ध्यान खींचा। जौनसारी परंपरा में दुल्हनों ने खुद बारात लेकर पहुंचकर अनोखी मिसाल पेश की।

Chakrata wedding news: 5 Brothers Marry Together in Unique Traditional Ceremony in Uttarakhand
Image: 5 Brothers Marry Together in Unique Traditional Ceremony in Uttarakhand (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में इन दिनों एक अनोखा विवाह समारोह चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक ही परिवार के पांच भाइयों की शादी एक साथ, एक ही दिन और एक ही मंडप में संपन्न हुई, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

5 Brothers Marry Together in Unique Traditional Ceremony in Uttarakhand

जानकारी के अनुसार देहरादून जिले के चकराता तहसील क्षेत्र के खरासी गांव में पांच सगे भाइयों ने एक साथ एक ही मंडप में शादी की। इस परिवार के पांचों भाई—नरेंद्र, प्रदीप, प्रीतम, अमित और राहुल—का विवाह पारंपरिक जौनसारी रीति-रिवाज “जोझोड़े” के अनुसार संपन्न हुआ।
"नरेंद्र" की शादी हय्यो गांव की निवासी "अन्नू" से हुई
"प्रदीप" की शादी जोगियो गांव की निवासी "निक्की" से हुई
"प्रीतम" की शादी हय्यो गांव की निवासी "पुनीता" से हुई
"अमित" की शादी गोरछा गांव की निवासी "निर्मला" से हुई
"राहुल" की शादी जोगियो गांव की निवासी "आंचल" से हुई
इसके साथ ही परिवार की बेटी प्रियंका का विवाह भी अगले दिन तय किया गया, जिससे पूरे घर में कई दिनों तक उत्सव का माहौल बना रहा। आगे देखिये विडियो..

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दुल्हनें खुद लेकर आईं बारात!

इस समारोह की सबसे खास और आकर्षक बात रही जौनसारी परंपरा जोझोड़े, जिसमें दुल्हनें खुद बारात लेकर दूल्हों के घर पहुंचती हैं। इस अनोखे नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए और पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। यह आयोजन सिर्फ शादी नहीं, बल्कि संयुक्त परिवार की एकता, प्रेम और सामंजस्य का प्रतीक बनकर उभरा। एक ही मंडप में पांच शादियां होना अपने आप में दुर्लभ उदाहरण है, जिसने पारिवारिक मूल्यों को मजबूत संदेश दिया।

गणमान्य लोगों ने की सराहना

इस खास मौके पर कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं, जिनमें मधु चौहान, गीता राम गौड़, मठोर सिंह चौहान और प्रताप सिंह रावत सभी ने इस आयोजन को परिवारिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का बेहतरीन उदाहरण बताया। यह विवाह समारोह न केवल स्थानीय परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम बना, बल्कि समाज में भाईचारे, सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक मूल्यों को भी मजबूत करने का संदेश देता है। ये विडियो भी देखिये...

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