टिहरी गढ़वाल: Narendra Modi के प्रस्तावित टिहरी दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। टिहरी झील किनारे कोटीकॉलोनी में विशाल जनसभा आयोजित किए जाने की योजना है, जहां प्रधानमंत्री देश की पहली वेरिएबल स्पीड 1000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट (PSP) परियोजना राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं।
PM Modi will soon be on a visit to Tehri Garhwal
Tehri Dam पहले से ही देश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाओं में शामिल है। यहां 1000 मेगावाट की मौजूदा उत्पादन क्षमता और कोटेश्वर बांध की 400 मेगावाट क्षमता पहले से कार्यरत है। अब नई PSP परियोजना जुड़ने से कुल बिजली उत्पादन क्षमता 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। करीब 8 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना मानी जा रही है, जो बिजली की मांग के अनुसार उत्पादन नियंत्रित करने में सक्षम होगी।
मेडिकल कॉलेज और विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रख सकते हैं। इसके अलावा बांध प्रभावितों के पुनर्वास, रायल्टी, रिंग रोड परियोजना और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष घोषणाएं होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इस परियोजना का उद्घाटन पहले 14 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन कार्यक्रम स्थगित हो गया था। उसी दौरान प्रधानमंत्री ने खुद टिहरी आने की इच्छा जताई थी। आगे पढ़िए..
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Pushkar Singh Dhami से विधायक किशोर उपाध्याय की मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री के दौरे की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं। विधायक ने प्रधानमंत्री को टिहरी आने का निमंत्रण भी दिया है।
विकास के पीछे संघर्ष की कहानी
टिहरी बांध परियोजना देश के लिए महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इसके पीछे हजारों लोगों का विस्थापन और संघर्ष भी जुड़ा हुआ है। पुराना टिहरी शहर पूरी तरह जलमग्न हो गया था। करीब 37 गांव पूरी तरह डूब गए, जबकि 88 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए थे। बांध प्रभावित परिवारों को नई टिहरी, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में पुनर्वासित किया गया। प्रधानमंत्री का प्रस्तावित टिहरी दौरा उत्तराखंड के लिए बड़े विकास संदेश के रूप में देखा जा रहा है। बिजली उत्पादन, मेडिकल शिक्षा और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी घोषणाएं राज्य को नई दिशा दे सकती हैं।