उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Universities to Start Digital Evaluation of Answer Sheets

Uttarakhand News: अब कॉपियां होंगी डिजिटल तरीके से चेक! उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

उत्तराखंड सरकार ने विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों में उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन की व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। जनवरी 2026 से शुरू होने वाली इस प्रणाली से परीक्षा परिणाम जल्दी जारी होंगे और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेग

Uttarakhand university digital evaluation: Uttarakhand Universities to Start Digital Evaluation of Answer Sheets
Image: Uttarakhand Universities to Start Digital Evaluation of Answer Sheets (Source: Social Media)

देहरादून: Uttarakhand के विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में अब उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat ने घोषणा करते हुए कहा कि यह नई व्यवस्था जनवरी 2026 से शुरू होने वाले वर्तमान सेमेस्टर से लागू कर दी जाएगी।

Uttarakhand Universities to Start Digital Evaluation of Answer Sheets

उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री ने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू होने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनेगी। उन्होंने बताया कि इस कदम से छात्रों के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकेंगे और मूल्यांकन प्रक्रिया में मानवीय गलतियों की संभावना भी कम होगी।

NEP-2020 और सेमेस्टर प्रणाली लागू

सरकार के अनुसार विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों की सभी प्रकार की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं अब डिजिटल सिस्टम के माध्यम से जांची जाएंगी। इससे उत्तर पुस्तिकाओं के भौतिक परिवहन और संरक्षण में होने वाले खर्च में भी कमी आएगी। शासन स्तर से सभी राज्य विश्वविद्यालयों को इस नई प्रणाली को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद परीक्षा कार्यों का दबाव काफी बढ़ गया है, जिसे डिजिटल तकनीक के जरिए बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा। आगे पढ़िए..

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डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से शिक्षकों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है। अब शिक्षक अपने शिक्षण संस्थानों से ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे विश्वविद्यालय परिसरों और महाविद्यालयों की नियमित पढ़ाई बाधित नहीं होगी और शिक्षकों का समय भी बचेगा।

मैन्युअल प्रक्रिया होगी कम

शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई प्रणाली के तहत मूल्यांकन और समन्वय की पूरी प्रक्रिया काफी हद तक स्वचालित हो जाएगी। इससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा और परीक्षा प्रबंधन पहले से अधिक प्रभावी बन सकेगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मददगार साबित होगी। नई व्यवस्था से आधुनिक तकनीक के जरिए शिक्षा प्रणाली को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।