देहरादून: अधिकांश छात्र पहली कोशिश में मनचाहा परिणाम नहीं मिलने पर निराश हो जाते हैं, लेकिन आशी अग्रवाल ने असफलता को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि सीखने का अवसर बनाया। NEET UG 2026 के पहले प्रयास में उन्हें 485 अंक मिले थे। हालांकि उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी का गहराई से विश्लेषण किया, गलतियों को सुधारा और नई रणनीति के साथ दोबारा परीक्षा दी और उनकी मेहनत रंग लाई।
Aashi Agrawal Scores 626 in Second NEET Attempt
गौरतलब है कि NEET UG 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट 16 जुलाई 2026 को रात के समय घोषित कर दिया गया है। जिसमें देहरादून की आशी अग्रवाल ने 626 अंक हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4030 प्राप्त किया। आशी अग्रवाल केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी (KV ONGC) की पूर्व छात्रा हैं और शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं। उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। पढ़ाई के प्रति उनकी निरंतर मेहनत और अनुशासन ने उन्हें हर परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।
JEE Main में फिजिक्स में हासिल किया 100 पर्सेंटाइल
मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ आशी ने JEE Main भी दिया। उन्होंने इस परीक्षा में फिजिक्स विषय में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर अपनी मजबूत विषयगत समझ का परिचय दिया। यह उपलब्धि बताती है कि कठिन माने जाने वाले विषयों में भी सही रणनीति और नियमित अभ्यास से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। आगे पढ़िए..
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गलतियों का विश्लेषण बना सफलता की कुंजी
आशी का कहना है कि पहले प्रयास के बाद उन्होंने निराश होने के बजाय अपनी पूरी तैयारी का ईमानदारी से मूल्यांकन किया। उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि किन विषयों और टॉपिक्स में उनकी कमजोरी है। इसके बाद उन्हीं क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया और नियमित अभ्यास के साथ अपनी अवधारणाओं (Concepts) को मजबूत किया। उनके अनुसार सफलता का सबसे बड़ा मंत्र लगातार अभ्यास, समय का सही प्रबंधन और कॉन्सेप्ट की स्पष्ट समझ है।
दूसरे प्रयास में बदली किस्मत
एक साल तक अनुशासित तैयारी, नियमित टेस्ट और गलतियों से सीखने की आदत ने आशी को सफलता दिलाई। दूसरे प्रयास में उन्होंने 626 अंक हासिल किए और AIR 4030 के साथ मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की अपनी राह मजबूत कर ली। उनकी सफलता उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जिन्हें पहले प्रयास में मनचाहा परिणाम नहीं मिला। सही रणनीति, धैर्य और निरंतर मेहनत से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।