पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में गुलदारों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब यहां Ekeshwar विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सासौं में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रार्थना सभा के दौरान स्कूल भवन के पास दो गुलदार पहुंच गए। गुलदारों को देखकर बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
School holiday due to fear of leopard in Pauri Garhwal
जानकारी के अनुसार गांव के टैक्सी चालक शुभम रावत की नजर सबसे पहले गुलदारों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्कूल प्रशासन और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। इसके बाद शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित कमरों में पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाने लगे। वाहन चालक द्वारा लगातार हार्न बजाने के बाद दोनों गुलदार जंगल की ओर भाग गए। इसके बाद स्कूल परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
विद्यालय में सहायक अध्यापक Vikas Chandra Kanthola ने बताया कि स्कूल में छोटे बच्चे पढ़ते हैं और गुलदारों की मौजूदगी उनके लिए बड़ा खतरा बन सकती थी। घटना के बाद प्रभारी उप शिक्षा अधिकारी Manoj Joshi ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 11 और 12 मई को स्कूल में अवकाश घोषित कर दिया है। आगे पढ़िए..
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शिक्षा विभाग ने आसपास के स्कूलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि स्थिति सामान्य होने तक बच्चों को स्कूल भेजने में सावधानी बरतें। क्षेत्र में गुलदार की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता Surendra Singh Rawat ने बताया कि वन्यजीवों के खतरे के कारण कई परिवार पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई स्कूलों में छात्र संख्या लगातार घट रही है और कुछ स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार गुलदारों की आवाजाही से बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और गुलदारों को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।