उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Power Demand Near Record High

उत्तराखंड में बिजली संकट का खतरा! रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ी मांग, गर्मी और इंडक्शन ने बढ़ाया लोड

उत्तराखंड में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर की ओर पहुंच रही है। UPCL के अनुसार प्रदेश में फिलहाल कोई कटौती नहीं की जा रही, लेकिन मांग 6 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है।

Uttarakhand electricity demand: Uttarakhand Power Demand Near Record High
Image: Uttarakhand Power Demand Near Record High (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही गर्मी के साथ बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक लोग गर्मी से परेशान हैं और एसी, कूलर, पंखों तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ गया है। इसका सीधा असर प्रदेश की बिजली खपत पर दिखाई दे रहा है।

Uttarakhand Power Demand Near Record High

ऊर्जा विभाग के अनुसार इस साल बिजली की मांग तेजी से तीन साल पुराने रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। खास बात यह है कि इस बार सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि घरों में बढ़ते इंडक्शन चूल्हों के उपयोग ने भी बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।
यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में इंडक्शन चूल्हों के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से करीब 100 मेगावाट अतिरिक्त भार बिजली आपूर्ति पर आया है। पहले जहां खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर का अधिक उपयोग होता था, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग इंडक्शन की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। इस बदलाव ने बिजली खपत को और तेजी से बढ़ा दिया है।

एक महीने में 4 करोड़ से 6 करोड़ यूनिट पहुंची मांग

प्रदेश में बिजली की मांग लगातार रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार एक मई को उत्तराखंड में बिजली की मांग करीब 4 करोड़ यूनिट थी, लेकिन अब यह बढ़कर लगभग 6 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। तीन साल पहले प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 6.6 करोड़ यूनिट तक दर्ज की गई थी। ऐसे में इस साल भी पुराने रिकॉर्ड के टूटने की संभावना जताई जा रही है। आगे पढ़िए..

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यूपीसीएल ने कहा- फिलहाल कटौती नहीं

Uttarakhand Power Corporation Limited के प्रबंध निदेशक GS Budiyal ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में बिजली की उपलब्धता पर्याप्त है और कहीं भी घोषित या अघोषित कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग ने गर्मियों को देखते हुए अप्रैल महीने में ही तैयारी पूरी कर ली थी। लगातार बढ़ती मांग पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बिजली बाजार से खरीदी जाएगी। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए काशीपुर स्थित गैस आधारित ऊर्जा परियोजना “गामा” से भी जल्द करीब 75 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था को काफी राहत मिलेगी।

हर 15 मिनट में हो रही निगरानी

यूपीसीएल के निदेशक परिचालन MR Arya ने बताया कि बिजली की मांग और आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि निगम के आधुनिक सॉफ्टवेयर में केंद्रीय पूल की बिजली, राज्य पूल की बिजली और सोलर ऊर्जा उत्पादन से जुड़ी जानकारी हर 15 मिनट में अपडेट होती रहती है। इससे विभाग को बिजली प्रबंधन में काफी मदद मिल रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगर गर्मी का असर इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में यूपीसीएल के सामने लगातार आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। हालांकि विभाग का दावा है कि फिलहाल प्रदेश में बिजली संकट जैसी स्थिति नहीं है और सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।