पिथौरागढ़: उत्तराखंड में मौसम विभाग की चेतावनी सही साबित होते हुए गुरुवार को दोपहर बाद कई पर्वतीय जिलों में बारिश और ओलावृष्टि शुरू हुई। लेकिन Pithoragarh में मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया।
Giant Hailstones Cause Havoc in Pithoragarh
Pithoragarh जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों में हुई भीषण ओलावृष्टि ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। आसमान से 100 से 200 ग्राम तक वजन वाले बड़े-बड़े ओले गिरने लगे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। भारी ओलावृष्टि से फलों, साग-सब्जियों और खेतों में खड़ी फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने बताया कि कुछ ही मिनटों की ओलावृष्टि ने उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद कर दी। खुले खेतों में खड़ी सब्जियां और बागानों में लगे फल बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ओलों का आकार इतना बड़ा था कि कई वाहनों के शीशे और हेडलाइट टूट गए। कुछ मकानों की खिड़कियों के कांच भी चटक गए। सड़क पर चल रहे लोग और वाहन चालक खुद को बचाने के लिए दुकानों और घरों में छिपने को मजबूर हो गए। आगे पढ़िए..
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बाजार में दुकानदारों को हुआ भारी नुकसान
जिला मुख्यालय के बाजार में खुले में दुकान लगाए बैठे व्यापारी अपना सामान तक समेट नहीं सके। अचानक शुरू हुई ओलावृष्टि से कई दुकानों का सामान खराब हो गया और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले डेढ़ महीने में पिथौरागढ़ में कई बार ओलावृष्टि हो चुकी है, लेकिन गुरुवार की ओलावृष्टि सबसे ज्यादा खतरनाक और भयावह रही। बड़े आकार के ओले इतनी तेजी से गिरे कि कुछ देर के लिए पूरा जनजीवन थम गया।
मुनस्यारी, कनालीछीना और डीडीहाट में भी खराब मौसम
Munsiyari में घंटों तेज बारिश होती रही, जबकि Kanalichhina और Didihat क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। खलिया द्वार और बिटलीधार क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि की सूचना मिली है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक Pithoragarh जिले में भारी से बहुत भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।<>br/राहत की बात यह रही कि लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के जंगलों में लगी आग बुझ गई है। साथ ही जिले के सभी सड़क मार्ग फिलहाल यातायात के लिए खुले बताए जा रहे हैं।