उत्तराखंड पौड़ी गढ़वालLeopard Kills Woman in Pauri Garhwal

गढ़वाल: गुलदार ने घास लेने गई महिला को बनाया निवाला, घसीटकर खंडहर तक ले गया.. इलाके में दहशत

पौड़ी गढ़वाल के बाडयू गांव में गुलदार ने घास लेने गई महिला पर हमला कर उसकी जान ले ली। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से कार्रवाई की मांग की है।

Pauri Leopard Attack: Leopard Kills Woman in Pauri Garhwal
Image: Leopard Kills Woman in Pauri Garhwal (Source: Social Media)

पौड़ी गढ़वाल: जनपद Pauri Garhwal में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को कोट ब्लॉक के बाडयू गांव में एक महिला पर गुलदार ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

Leopard Kills Woman in Pauri Garhwal

जानकारी के अनुसार बाडयू गांव निवासी प्रभा देवी पत्नी मातबर सिंह अपने पुराने मकान के पास घास लेने गई थीं। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हमला इतना तेज था कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

महिला को घसीटकर खंडहर तक ले गया गुलदार

हमले के बाद गुलदार महिला को घसीटते हुए पुराने मकान के खंडहर की ओर ले गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। आगे पढ़िए..

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ग्रामीणों में दहशत, कार्रवाई की मांग

लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों से ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की आवाजाही देखी जा रही थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष बना चिंता का विषय

गढ़वाल क्षेत्र में पिछले कुछ समय से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जंगलों के आसपास बसे गांवों में गुलदार की मौजूदगी लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बदलाव और भोजन की कमी भी ऐसे मामलों की एक बड़ी वजह हो सकती है।