उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Orders Probe into School Kit Purchase

उत्तराखंड: शिक्षा विभाग में 11 करोड़ की खरीद में घोटाला, जांच के घेरे में 'जादू का पिटारा'

उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में समग्र शिक्षा योजना के तहत खरीदे गए 'जादू का पिटारा' उपकरणों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निदेशालय स्तर पर जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।

Uttarakhand Education Scam: Uttarakhand Orders Probe into School Kit Purchase
Image: Uttarakhand Orders Probe into School Kit Purchase (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड के प्राथमिक विद्यालयों के लिए समग्र शिक्षा योजना के तहत खरीदे गए 'जादू का पिटारा' उपकरणों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। करीब 11.55 करोड़ रुपये की खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जांच के आदेश दिए हैं। अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों और फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Uttarakhand Orders Probe into School Kit Purchase

विद्यालयी शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य के 11,580 प्राथमिक विद्यालयों के लिए 'जादू का पिटारा' खरीदने पर 11 करोड़ 55 लाख 33 हजार 660 रुपये खर्च किए। प्रत्येक विद्यालय को इस शैक्षणिक किट की खरीद के लिए 9,977 रुपये उपलब्ध कराए गए थे। अब इस पूरी खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद विभाग में हलचल मच गई है।

शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश

मामले का संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निदेशालय स्तर पर जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या फर्म की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निविदा प्रक्रिया पर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी 13 जिलों में 'जादू का पिटारा' मद के तहत खर्च की गई राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है। आगे पढ़िए..

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जांच में यह भी सामने आया कि निविदाएं आमंत्रित किए जाने के बावजूद कई मामलों में स्वीकृत बजट के बराबर राशि वाली निविदाओं को ही मंजूरी दी गई। इससे प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया प्रभावित होने और वित्तीय गड़बड़ी की संभावना जताई जा रही है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के.एस. रावत ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि जांच में संबंधित अधिकारियों और फर्मों की भूमिका तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्या है 'जादू का पिटारा'?

'जादू का पिटारा' राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और एनसीईआरटी की एक पहल है। इसका उद्देश्य 3 से 8 वर्ष तक के बच्चों (बालवाटिका से कक्षा 2 तक) को खेल-आधारित और गतिविधि-आधारित शिक्षण उपलब्ध कराना है। इस किट में सामान्यत चित्र एवं फ्लैश कार्ड, कहानी की पुस्तकें, पहेलियां और पजल, शैक्षणिक खिलौने, गणितीय शिक्षण सामग्री, अक्षर एवं संख्या कार्ड, स्थानीय भाषा एवं संस्कृति आधारित गतिविधियां और शिक्षकों के लिए गतिविधि पुस्तिका शामिल होते हैं।

दोषियों पर होगी कार्रवाई

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।