चमोली: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की धनराशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की शिकायत पर बदरीनाथ थाना पुलिस ने एक कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले समिति ने संबंधित कर्मचारी को निलंबित करते हुए विभागीय जांच भी प्रारंभ कर दी थी।
Case registered against BKTC employee Pramod Nautiyal
मंदिर अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर 8 जुलाई 2026 को बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाने और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
बीकेटीसी के अनुसार, 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर चढ़ावे की धनराशि में कथित गड़बड़ी से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह आरोप सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत मंदिर की धनराशि को कथित रूप से उठाया। इन्हीं प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर विभागीय कार्रवाई की गई। ध्यान रहे कि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
कर्मचारी को किया गया निलंबित
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बीकेटीसी ने संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। समिति का कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया, ताकि जांच प्रक्रिया किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। मामला अब केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं है। पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्ष ने कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। वहीं, सरकार की ओर से भी उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की बात कही गई है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
CCTV फुटेज और जांच समिति पर नजर
बताया जा रहा है कि दान और चढ़ावे से जुड़े स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। साथ ही गठित जांच समिति पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।