उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Rains Disrupt Char Dham Routes

उत्तराखंड में भारी बारिश का असर: यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे कई जगह बंद, 8 अगस्त तक बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में लगातार बारिश से यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हो गए हैं। मौसम विभाग ने 8 अगस्त तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

Uttarakhand Weather Update: Uttarakhand Rains Disrupt Char Dham Routes
Image: Uttarakhand Rains Disrupt Char Dham Routes (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब चारधाम यात्रा मार्गों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और बोल्डर गिरने से बाधित हो गए हैं। इस बीच मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है और यात्रियों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।

Uttarakhand Rains Disrupt Char Dham Routes, Yellow Alert Issued

लगातार बारिश के चलते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी, जंगलचट्टी, बनास और बाड़िया सहित कई स्थानों पर मलबा और बड़े पत्थर गिरने से अवरुद्ध हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की टीमें जेसीबी और मशीनों की मदद से मार्ग को खोलने में जुटी हैं। वहीं गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी हेल्गूगाड़ के पास भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सड़क और मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करने की अपील की है।

आज भी भारी बारिश का यलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 3 अगस्त को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है।

तापमान में बदलाव, मैदानी इलाकों में उमस

रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने से उमस और गर्मी महसूस की गई। देहरादून में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक 0.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यात्रा से पहले मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी ताजा अपडेट अवश्य देखें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।