उत्तराखंड नैनीतालUttarakhand Transfers Principals of Five Government Medical Colleges

उत्तराखंड में मेडिकल कॉलेजों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 5 प्राचार्यों और एक प्रोफेसर का तबादला

उत्तराखंड सरकार ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। पांच मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और एक प्रोफेसर के तबादले किए गए हैं। जानिए पूरी सूची।

Uttarakhand Medical College: Uttarakhand Transfers Principals of Five Government Medical Colleges
Image: Uttarakhand Transfers Principals of Five Government Medical Colleges (Source: Social Media)

नैनीताल: उत्तराखंड शासन ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों के पांच प्राचार्यों और एक प्रोफेसर के स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। शासन के इस निर्णय को चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Uttarakhand Transfers Principals of Five Government Medical Colleges

जारी आदेशों के अनुसार डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा, जो अब तक सोबन सिंह जीना राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा के प्राचार्य थे, उनका स्थानांतरण राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर में कर दिया गया है। अब वे रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

डॉ. जीएस तितियाल को राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी से स्थानांतरित कर सोबन सिंह जीना राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा का नया प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
डॉ. अजय कुमार आर्या, जो चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में निदेशक (प्रभार) के पद पर कार्यरत थे, उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी का प्राचार्य बनाया गया है।
डॉ. आशुतोष सयाना, जो राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर के प्राचार्य थे, उन्हें चिकित्सा शिक्षा निदेशक नियुक्त किया गया है।
डॉ. चंद्र मोहन सिंह रावत, जो राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार के प्राचार्य थे, उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर का नया प्राचार्य बनाया गया है।
डॉ. पंकज सिंह, जो राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार का प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है।

चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया नेतृत्व

राज्य सरकार का मानना है कि इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से मेडिकल कॉलेजों के संचालन में तेजी आएगी और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। नए अधिकारियों के अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का लाभ शैक्षणिक गतिविधियों, संस्थागत प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मिलेगा।

जल्द संभालेंगे नया कार्यभार

शासन ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शीघ्र अपने-अपने नए तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करें, ताकि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्य बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित हो सकें।