चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा कुत्तों के लगातार हमलों से दहशत का माहौल है। पिछले दो से तीन दिनों में बच्चों, स्थानीय लोगों और मवेशियों पर कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र के 10 स्कूलों को दो दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
Stray Dog Attacks: 10 Schools Shut in Chamoli's Narayanbagar
नारायणबगड़ क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन के अनुसार, कुत्तों ने अन्य कुत्तों, पशुओं और बच्चों को भी निशाना बनाया है। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
10 स्कूल दो दिन रहेंगे बंद
लगातार सामने आ रहे हमलों को देखते हुए प्रशासन ने नारायणबगड़ क्षेत्र के 10 विद्यालयों को दो दिन तक बंद रखने का आदेश दिया है। प्रशासन ने पहले चार दिन स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार स्थिति में सुधार आने के बाद इसे घटाकर दो दिन कर दिया गया। स्कूल बंद रहने के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक-दो कुत्तों में रेबीज की आशंका
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में कुत्तों के हमले से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। अधिकारियों को यह भी जानकारी मिली है कि एक या दो कुत्तों में रेबीज संक्रमण की आशंका हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति को लेकर सभी आवश्यक सावधानियां बरत रहा है और संदिग्ध कुत्तों को पकड़ने के लिए विभिन्न विभागों की टीमें तैनात की गई हैं।
कई विभागों की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटीं
प्रशासन के अनुसार, संदिग्ध कुत्तों को पकड़ने के लिए पशुपालन विभाग, वन विभाग, आपदा प्रबंधन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें तैनात की गई हैं। टीमें प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं और हमले करने वाले कुत्तों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य लोगों और पशुओं को आगे होने वाले हमलों से बचाना है।
बच्चों की सुरक्षा बनी प्रशासन की प्राथमिकता
स्कूलों को बंद करने का फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आती, तब तक बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखा जाए जहां कुत्तों के हमले का खतरा हो सकता है। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था के जरिए प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने की कोशिश की है।
स्थानीय लोगों में कार्रवाई की मांग
लगातार हो रहे हमलों के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है। लोग आवारा और संदिग्ध कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं और संदिग्ध कुत्तों को पकड़ने पर फोकस किया जा रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर रखी जाएगी।