उत्तराखंड टिहरी गढ़वालUttarakhand Woman Missing for 14 Days Family Suspects Foul Play

उत्तराखंड: पति के विदेश से घर लौटने के 4 दिन बाद लापता हुई पत्नी, नदी किनारे मिले चप्पल-चुनरी

Tehri Missing Woman: प्रतापनगर की रेशमा बिष्ट 6 अगस्त से लापता हैं। नदी के किनारे चप्पल, चुनरी और दरांती मिलीं। पुलिस-SDRF की तलाश जारी, मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताई।

Reshma Bisht Missing Case: Uttarakhand Woman Missing for 14 Days Family Suspects Foul Play
Image: Uttarakhand Woman Missing for 14 Days Family Suspects Foul Play (Source: Social Media)

टिहरी गढ़वाल: जनपद टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर क्षेत्र से करीब 14 दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई रेशमा बिष्ट का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। जणगी गांव निवासी रेशमा 6 अगस्त को अपने घर से अचानक लापता हुई थी। रेशमा के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई है।

Uttarakhand Woman Missing for 14 Days, Family Suspects Foul Play

प्रतापनगर क्षेत्र के मोटणा गांव की रहने वाली रेशमा बिष्ट की करीब चार साल पहले जणगी गांव निवासी नवीन बिष्ट से शादी हुई थी। दंपती का ढाई साल का एक बेटा है। बताया गया है कि रेशमा के पति नवीन विदेश में नौकरी करते हैं और करीब 28 महीने बाद घर लौटे थे। परिजनों के अनुसार, नवीन के घर लौटने के महज चार दिन बाद 6 अगस्त को रेशमा अचानक लापता हो गईं। पति नवीन बिष्ट ने 7 अगस्त को लंबगांव थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त की दोपहर खाना खाने के बाद रेशमा घर से कहीं चली गई थीं। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

जलकुर नदी किनारे मिले चप्पल, चुनरी और दरांती

रेशमा की तलाश के दौरान 7 अगस्त को जणगी गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जलकुर नदी के किनारे एक चप्पल, चुनरी और दरांती मिली। सामान मिलने के बाद महिला के नदी में गिरने या किसी अन्य अनहोनी की आशंका जताई गई। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बरामद सामान रेशमा का ही है या नहीं और वह नदी तक कैसे पहुंचा। महिला के नदी में गिरने की भी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।

पुलिस और SDRF चला रही सर्च ऑपरेशन

गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेशमा की तलाश में जुटी हैं। जलकुर नदी और टिहरी झील के आसपास संभावित स्थानों पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और एसडीआरएफ के साथ-साथ ड्रोन की मदद से भी सर्चिंग की जा रही है। जंगल, नदी के किनारे और अन्य संभावित स्थानों को खंगाला जा रहा है। ग्रामीण भी अपने स्तर पर पुलिस की मदद कर रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं की कई टोलियां बनाकर जंगलों और नदी के आसपास घंटों तक रेशमा की तलाश की गई, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। आगे पढ़िए..

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मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका

रेशमा के मायके वालों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। रेशमा के भाई विकास सिंह रावत ने ससुराल पक्ष द्वारा दी गई जानकारी पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि रेशमा के लापता होने की सूचना उसके मायके वालों को समय पर नहीं दी गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस स्थान से चप्पल, चुनरी और दरांती बरामद होने की बात कही जा रही है, वहां पहुंचना भी मुश्किल है। विकास सिंह रावत का कहना है कि बरामद चप्पल रेशमा की नहीं है और दरांती भी घास काटने वाली नहीं बल्कि लकड़ी काटने वाली प्रतीत होती है। उन्होंने पुलिस से आत्महत्या के साथ हत्या के एंगल से भी जांच करने की मांग की है।

परिवार ने पुलिस की जांच पर उठाए सवाल

रेशमा के भाई का कहना है कि 6 अगस्त को जब परिजन और ग्रामीण आसपास तलाश कर रहे थे, तब वहां कोई सामान नहीं मिला था। उनके अनुसार, अगले दिन नदी किनारे सामान मिलने के बाद पुलिस ने उसी क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू कर दिया। मायके पक्ष ने पुलिस से सवाल किया है कि आखिर किस आधार पर रेशमा के नदी में गिरने या आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने मामले की जांच दूसरे संभावित एंगल से भी करने की मांग की है।

ससुर ने कहा- आरोप से हमारा परिवार टूट गया

रेशमा के ससुर ने मायके पक्ष के आरोपों पर कहा कि वह घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। जानकारी मिलने के बाद वह घर लौटे। उन्होंने कहा कि आरोपों से ज्यादा चिंता उन्हें रेशमा की है और वह चाहते हैं कि मामले की तह तक जाकर जांच हो। उन्होंने कहा कि यदि रेशमा सुरक्षित और जीवित है तो वह किसी भी तरह घर वापस आ जाए। वहीं, रेशमा का ढाई साल का मासूम बेटा लगातार अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रहा है।

सभी पहलुओं की जांच जारी

टिहरी पुलिस के सीओ चंद्रमोहन सिंह के अनुसार, नवीन बिष्ट की ओर से पत्नी रेशमा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। महिला की बरामदगी के लिए स्थानीय पुलिस जंगलों में सर्च अभियान चला रही है। एसडीआरएफ की टीम झील के आसपास तलाश कर रही है और ड्रोन के माध्यम से भी संभावित स्थानों को खंगाला जा रहा है। पुलिस के मुताबिक अभी तक रेशमा के बारे में कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि महिला की तलाश और मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। कोई महत्वपूर्ण जानकारी या सुराग मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • 14 दिन बाद भी सबसे बड़ा सवाल- कहां है रेशमा?

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    रेशमा बिष्ट के लापता होने के करीब 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। एक ओर पुलिस और एसडीआरएफ लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं, वहीं परिजन और ग्रामीण भी अपने स्तर पर तलाश में जुटे हैं। नदी किनारे मिले सामान और मायके पक्ष की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल रेशमा की बरामदगी और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसके साथ वास्तव में क्या हुआ।