उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Aided College Teacher Recruitment UKPSC ACT Amendment

उत्तराखंड: अशासकीय महाविद्यालयों में अब UKPSC करेगा शिक्षकों की भर्ती! एक्ट में संशोधन की तैयारी

उत्तराखंड के अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती व्यवस्था बदलने की तैयारी है। सरकार अब चयन प्रक्रिया की जिम्मेदारी राज्य लोक सेवा आयोग को देने के लिए एक्ट में संशोधन करेगी।

Uttarakhand Teacher Recruitment: Uttarakhand Aided College Teacher Recruitment UKPSC ACT Amendment
Image: Uttarakhand Aided College Teacher Recruitment UKPSC ACT Amendment (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड के अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलाव के तहत इन महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की जिम्मेदारी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) को देने की तैयारी है। इसके लिए संबंधित एक्ट में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया गया है और जल्द ही इसे कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया जा रहा है।

Uttarakhand Aided College Teacher Recruitment UKPSC ACT Amendment

फिलहाल अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रबंधन तंत्र के माध्यम से होती है। चयन समिति में सरकार, विश्वविद्यालय, प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ विषय विशेषज्ञ शामिल होते हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा भर्ती व्यवस्था को लेकर समय-समय पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी वजह से सरकार अब चयन प्रक्रिया को लोक सेवा आयोग के माध्यम से कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

हरिद्वार के कॉलेजों में 50-50 लाख रुपये लेने की शिकायत

विभागीय अधिकारियों के अनुसार हरिद्वार के कुछ अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के दौरान अभ्यर्थियों से 50-50 लाख रुपये तक लिए जाने की शिकायतें मिली हैं। भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें सामने आने के बाद अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती पर समय-समय पर रोक भी लगाई जाती रही है। अगस्त 2026 में भी इन महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती पर रोक लगाए जाने और पारदर्शी व्यवस्था के लिए नई नियमावली तैयार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में बनी समिति

शिक्षा मंत्री के मुताबिक शिक्षक भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। आगे पढ़िए..

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समिति की रिपोर्ट के बाद भर्ती व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया गया है। अब इसी आधार पर संबंधित एक्ट में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके लिए कैबिनेट नोट भी तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है।

प्रदेश के 21 अशासकीय महाविद्यालयों पर पड़ेगा असर

प्रस्तावित भर्ती व्यवस्था का संबंध प्रदेश के 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों से है। इनमें कुछ कॉलेज एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, जबकि अन्य राज्य विश्वविद्यालयों से जुड़े हैं। इनमें देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज, डीबीएस कॉलेज, एमकेपी कॉलेज और एसजीआरआर समेत अन्य महाविद्यालय शामिल हैं। राज्य सरकार ने इससे पहले भी इन 21 अशासकीय महाविद्यालयों को उच्च शिक्षा से जुड़ी योजनाओं में शामिल किया है।

सरकारी कॉलेजों की तरह होगी भर्ती व्यवस्था

प्रदेश में वर्तमान में 118 राजकीय महाविद्यालय हैं और इनमें असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है। अब सरकार अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में भी इसी तरह की चयन व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इससे भर्ती प्रक्रिया को एक केंद्रीकृत चयन प्रणाली के तहत लाने का प्रस्ताव है।

उत्तर प्रदेश में भी आयोग के जरिए होती है भर्ती

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भी अशासकीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में शिक्षक भर्ती के लिए आयोग आधारित व्यवस्था लागू की गई है। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा से जुड़े असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती अब उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से की जा रही है। सितंबर 2026 में आयोग ने 1,936 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। उत्तराखंड सरकार भी अब अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए इसी तरह की आयोग आधारित व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद साफ होगी नई व्यवस्था

फिलहाल एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव तैयार है। इसे कैबिनेट में पेश किए जाने के बाद आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की नई प्रक्रिया लागू हो सकेगी।