उत्तराखंड उधमसिंह नगरTwo Goods Train Coaches Derail in Pantnagar

उत्तराखंड: अचानक पटरी से उतरीं मालगाड़ी की दो बोगियां, 6 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

पंतनगर में हल्दी रोड रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी की दो बोगियां पटरी से उतरने से रेल यातायात प्रभावित हुआ। हादसे के कारण शताब्दी एक्सप्रेस को रुद्रपुर में रोकना पड़ा, जबकि करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद बोगियों को पटरी पर लाया गया।

Pantnagar Train Accident: Two Goods Train Coaches Derail in Pantnagar
Image: Two Goods Train Coaches Derail in Pantnagar (Source: Social Media)

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में सोमवार सुबह रेल हादसा हो गया। पंतनगर के हल्दी रोड रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर आगे रुद्रपुर की ओर जा रही मालगाड़ी की दो बोगियां पटरी से उतर गईं। घटना सुबह करीब 11:30 बजे हुई। मालगाड़ी की बोगियां पटरी से उतरने की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग में हलचल मच गई। मौके पर पहुंची तकनीकी टीम ने स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य शुरू किया।

Two Goods Train Coaches Derail in Pantnagar, Shatabdi Express Halted

हादसे का असर दूसरी ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा। रेल यातायात प्रभावित होने के कारण शताब्दी एक्सप्रेस को रुद्रपुर में रोकना पड़ा। इससे यात्रियों को इंतजार करना पड़ा और परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे कर्मचारियों की टीम घटनास्थल पर जुटी रही और ट्रैक पर परिचालन बहाल करने के लिए लगातार प्रयास किए गए। आगे पढ़िए..

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छह घंटे की मशक्कत के बाद पटरी पर आईं बोगियां

जानकारी के अनुसार, न्यू मॉडिफाइड गुड्स रैक (एनएमजी रैक) हल्दी रोड रेलवे स्टेशन से रुद्रपुर की दिशा में जा रहा था। इसी दौरान स्टेशन से कुछ दूरी आगे इसकी दो बोगियां पटरी से उतर गईं। रेलवे की तकनीकी टीम और कर्मचारियों ने करीब छह घंटे तक राहत कार्य किया। लगातार प्रयासों के बाद दोनों बोगियों को दोबारा पटरी पर लाने में सफलता मिली। इसके बाद रेल संचालन सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं

घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, मालगाड़ी की बोगियां किन परिस्थितियों में पटरी से उतरीं, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना के कारणों की जानकारी जुटाने के लिए रेलवे कर्मचारियों से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी ने भी मामले पर टिप्पणी नहीं की। हादसे की वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।