उत्तराखंड चमोलीHigh Drama at Uttarakhand Border as Nihangs Stand Firm

उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर दूसरे दिन भी निहंगों का हंगामा जारी, 48 घंटे का अल्टीमेटम; 3 घंटे की वार्ता बेनतीजा

कर्णप्रयाग विवाद को लेकर पंजाब से पहुंचे करीब 200 निहंग उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर डटे रहे। प्रशासन के साथ तीन घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही। निहंगों ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चार प्रमुख मांगें रखीं।

High Drama at Uttarakhand Border: High Drama at Uttarakhand Border as Nihangs Stand Firm
Image: High Drama at Uttarakhand Border as Nihangs Stand Firm (Source: Social Media)

चमोली: कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर शुक्रवार को भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पंजाब से पहुंचे करीब 200 निहंगों का जत्था पांवटा साहिब-कुल्हाल सीमा पर जमा रहा और उत्तराखंड में प्रवेश की मांग पर अड़ा रहा। स्थिति को देखते हुए देहरादून पुलिस और प्रशासन ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी तथा सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।

High Drama at Uttarakhand Border as Nihangs Stand Firm

शुक्रवार शाम पांवटा साहिब गुरुद्वारे में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों तथा निहंग प्रतिनिधियों के बीच करीब तीन घंटे तक कई दौर की बातचीत हुई। वार्ता के दौरान निहंगों ने चार प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं, जिनमें कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार निहंगों की रिहाई, घायल निहंग के बेहतर उपचार और कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग शामिल रही। हालांकि, लंबी बातचीत के बावजूद किसी अंतिम सहमति पर पहुंचा नहीं जा सका।

48 घंटे का अल्टीमेटम

वार्ता के दौरान प्रशासन ने मामले पर विचार करने के लिए दो दिन का समय मांगा। निहंग प्रतिनिधियों ने प्रशासन को 48 घंटे का समय देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे निर्धारित समय के बाद उत्तराखंड में प्रवेश का प्रयास करेंगे। फिलहाल उन्होंने पांवटा साहिब गुरुद्वारे में ही रुकने का निर्णय लिया है। निहंगों की मांग पर उत्तराखंड सरकार ने उनके पांच प्रतिनिधियों को कर्णप्रयाग जाकर न्यायिक हिरासत में बंद निहंगों से मिलने की अनुमति दी है। आगे पढ़िए..

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जानकारी के अनुसार, मामले में गिरफ्तार चार निहंगों में से तीन चमोली जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक घायल निहंग का इलाज ऋषिकेश स्थित एम्स में पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने घायल निहंग से मिलने की भी इच्छा जताई है।

क्या है पूरा मामला?

16 जून को हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे चार निहंगों का कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर स्थानीय होटल संचालक से विवाद हो गया था। पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान स्थानीय लोगों के घायल होने की घटना के बाद चारों निहंगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद इस कार्रवाई के विरोध में पंजाब से निहंगों के जत्थे उत्तराखंड सीमा तक पहुंचने लगे।

सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा

स्थिति को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने स्वयं सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया। प्रशासन ने सभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं और सीमा क्षेत्र सहित संभावित प्रवेश मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि कोई भी व्यक्ति शांति भंग करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।