उत्तरकाशी: जनपद उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। नदी में तेज बहाव और कटाव के चलते कई सरकारी भवन, होटल, होमस्टे और आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच दिनों से वे लगातार डर के माहौल में रह रहे हैं और रातभर जागकर हालात पर नजर रखने को मजबूर हैं।
Harsil Villagers Fear Rising Bhagirathi River
मंगलवार को हर्षिल क्षेत्र के आठ गांवों के प्रधान, पूर्व जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जिलाधिकारी प्रशांत आर्य से मिलने जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान वयोवृद्ध पूर्व प्रधान बसंती नेगी ने जिलाधिकारी से भावुक अपील करते हुए कहा कि हर्षिल के लोगों की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द ठोस और स्थायी इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
पिछले साल की आपदा के बाद से बना हुआ है खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2025 की आपदा के दौरान हर्षिल के पास बनी झील और उसके बाद से लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर ने पूरे क्षेत्र को संवेदनशील बना दिया है। उनका आरोप है कि समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए, जिसके कारण अब हालात और गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बीते शुक्रवार रात भागीरथी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से जीएमवीएन गेस्ट हाउस का टिनशेड बह गया था। शनिवार को फिर जलस्तर बढ़ने से कई बड़े पेड़ नदी में गिर गए। इससे कुछ समय के लिए नदी का प्रवाह भी बाधित हुआ, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। आगे पढ़िए..
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वर्तमान में जीएमवीएन गेस्ट हाउस, पुलिस थाना, लोक निर्माण विभाग (PWD) का गेस्ट हाउस, सेब के बगीचे, होटल, होमस्टे और कई आवासीय भवन नदी के कटाव की जद में बताए जा रहे हैं।
रातभर चौकसी करने को मजबूर हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि हर रात नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी रहती है, जिसके चलते लोग रातभर जागकर निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो आगामी बरसात में हर्षिल के अस्तित्व पर ही खतरा उत्पन्न हो सकता है।
वायरक्रेट दीवार बनाने की उठी मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे लगभग 400 वायरक्रेट (Wire Crate) दीवार बनाने की मांग की है, ताकि कटाव को रोका जा सके और बस्ती को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि यह कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ तो बरसात के दौरान स्थिति और भयावह हो सकती है।