देहरादून: उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार हो रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में तेज बारिश के कारण जलभराव, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
Uttarakhand Weather Update 2 July 2026
उत्तराखंड में बीते दो से लगातार हो रही केकारण कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में भूस्खलन की घटनाओं में तेजी आई है। कुमाऊं मंडल में 39 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और गढ़वाल मंडल में 20 से अधिक सड़कें बाधित हैं। सड़कें बंद होने से कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के चलते सिरोबगड़ क्षेत्र में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने राहत कार्य चलाकर मार्ग को दोबारा सुचारु कर दिया। फिलहाल चारधाम यात्रा जारी है, लेकिन यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार आज गुरुवार 2 जुलाई को उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। आगे पढ़िए..
ये भी पढ़ें:
मौसम विभाग ने आज देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और कहीं-कहीं अत्यधिक तीव्र वर्षा की भी संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय होने के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून सहित कई मैदानी क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली।
दो जिलों में स्कूल बंद
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने बागेश्वर और अल्मोड़ा जनपदों के सभी स्कूलों में गुरुवार के लिए अवकाश घोषित किया है। यह निर्णय विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
नदी, नालों और गदेरों के पास न जाएं।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
चारधाम यात्रा पर जाने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।