उत्तराखंड देहरादूनHeavy Rain Wreaks Havoc in Uttarakhand

Weather Update: उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का कहर, तमसा नदी उफान पर.. आज 7 जिलों में अलर्ट जारी

उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। देहरादून में तमसा नदी उफान पर आने से डंपर बह गया। टपकेश्वर मंदिर के पास पेड़ गिरने से तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए। आज रविवार 23 अगस्त को सात जिलों में यलो अलर्ट जारी है।

Uttarakhand Weather: Heavy Rain Wreaks Havoc in Uttarakhand
Image: Heavy Rain Wreaks Havoc in Uttarakhand (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। देहरादून समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। रविवार को देहरादून में तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और उमेदपुर गोल चक्कर के पास नदी में एक डंपर बह गया। वहीं, ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य गेट के पास पुराने पेड़ का बड़ा हिस्सा गिरने से तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।

Heavy Rain Wreaks Havoc in Uttarakhand

लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार को देहरादून की तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। उमेदपुर गोल चक्कर के पास तेज बहाव की चपेट में आने से एक डंपर नदी में बह गया। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की गई है।

सात जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने तथा मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।

टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास पेड़ गिरा, तीन वाहन क्षतिग्रस्त

देहरादून के प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य गेट के पास रविवार तड़के करीब तीन बजे पुराने आम के पेड़ का बड़ा हिस्सा अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ गिरने के कारण बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सड़क पर यातायात बाधित हो गया। गनीमत रही कि घटना देर रात हुई, जिससे कोई बड़ा जनहानि हादसा नहीं हुआ।

सड़क से हटाया गया पेड़ का हिस्सा

पेड़ गिरने की सूचना मिलने के बाद आपदा कंट्रोल रूम को जानकारी दी गई। इसके बाद पेड़ के कुछ हिस्से को काटकर सड़क से हटाया गया और यातायात सुचारू कराया गया। हालांकि, क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अभी भी बाधित बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने और पेड़ के बचे हुए हिस्से को भी हटाने की मांग की है।

टपकेश्वर मंदिर के पास फिर बढ़ा तमसा नदी का जलस्तर

टपकेश्वर मंदिर के पास बहने वाली तमसा नदी का जलस्तर भी रविवार सुबह अचानक बढ़ गया। नदी का पानी बढ़ने से कुछ समय के लिए संतोषी माता मंदिर का संपर्क प्रभावित हुआ। हालांकि, बाद में जलस्तर कम हो गया और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। टपकेश्वर मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसके अलावा 26 अगस्त को मंदिर की शोभायात्रा भी प्रस्तावित है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और बिजली आपूर्ति जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।

श्रद्धालुओं से नदी किनारे नहीं जाने की अपील

माता वैष्णो देवी गुफा योग मंदिर टपकेश्वर के संस्थापक योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने बताया कि पेड़ का कुछ हिस्सा हटाकर यातायात व्यवस्थित कर दिया गया है, लेकिन बिजली आपूर्ति अभी बाधित है। उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से बारिश के दौरान नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की है। बारिश के मौसम में नदी और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

बारिश को लेकर सतर्कता जरूरी

प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और मलबे का खतरा भी बना हुआ है।