उत्तराखंड देहरादूनAnother Fake Freedom Fighter Heir Emerges in Dehradun

देहरादून: पहले नाती-नातिन, अब कथित पोता... स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर 7वां फर्जी दावेदार आया सामने

देहरादून में स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा का उत्तराधिकारी बताने वाला एक और नाम सामने आया है। मोथरोवाला निवासी बताए जा रहे आदित्य के प्रमाणपत्र की प्रशासन जांच कर रहा है और ऐसे दावेदारों की संख्या अब सात हो गई है।

Dehradun Certificate Fraud: Another Fake Freedom Fighter Heir Emerges in Dehradun
Image: Another Fake Freedom Fighter Heir Emerges in Dehradun (Source: Social Media)

देहरादून: राजधानी देहरादून में स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के नाम से कथित उत्तराधिकारी बनकर प्रमाणपत्र हासिल करने के मामलों की जांच के बीच एक और नाम सामने आया है। अब मोथरोवाला निवासी बताए जा रहे आदित्य ने खुद को धर्मवीर वर्मा का पोता बताते हुए प्रमाणपत्र बनवाया है। प्रमाणपत्र में उसके पिता का नाम हरीश चंद दर्ज बताया गया है। प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रमाणपत्र की जांच शुरू कर दी है।

Another Fake Freedom Fighter Heir Emerges in Dehradun

धर्मवीर वर्मा का नाती, नातिन या पोता-पोती होने का दावा करने वाले लोगों की संख्या अब सात हो गई है। इससे पहले तृप्ति, स्वाति, खुशी और परी नाम की चार छात्राओं के मामले सामने आए थे। इन छात्राओं ने कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला लिया था। जांच के दौरान उनके स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्रों के साथ स्थायी निवास प्रमाणपत्रों को भी फर्जी पाया गया था। इसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और परी के पिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

एक अन्य युवक का पता भी जांच में गलत मिला

इसी जांच के दौरान एक अन्य युवक का नाम भी सामने आया था, जिसके स्थायी पते को जांच में गलत पाया गया। आगे पढ़िए..

ये भी पढ़ें:

इसके बाद दो दिन पहले पार्थ वर्मा नाम से जारी एक और प्रमाणपत्र प्रशासन के सामने आया। पार्थ वर्मा ने खुद को स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा का पोता बताते हुए प्रमाणपत्र बनवाया था। उसके प्रमाणपत्र में पटेलनगर का पता दर्ज था। जांच में पता सही पाया गया, लेकिन प्रमाणपत्र फर्जी निकला।

पार्थ ने किया था एमबीबीएस में दाखिले का प्रयास

जानकारी के मुताबिक, पार्थ वर्मा ने एमबीबीएस में दाखिले का प्रयास किया था, लेकिन उसे दाखिला नहीं मिल पाया। फिलहाल वह पुलिस जांच में सहयोग कर रहा है। अब प्रशासन के सामने मोथरोवाला निवासी बताए जा रहे आदित्य का मामला आया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसने अभी तक इस प्रमाणपत्र के आधार पर किसी लाभ के लिए प्रयास नहीं किया है।

प्रशासन कर रहा प्रमाणपत्रों की जांच

एसडीएम सदर डॉ. अपूर्वा सिंह के मुताबिक, पार्थ वर्मा के मामले के बाद अब आदित्य के प्रमाणपत्र की भी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रमाणपत्र वास्तविक है या फर्जी। इस पूरे मामले में प्रशासन स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा के वास्तविक पारिवारिक उत्तराधिकारियों और सामने आए दावों से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रहा है।