उत्तराखंड पिथौरागढ़Earthquake Hits Uttarakhand Pithoragarh

उत्तराखंड के इस जिले में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.7 तीव्रता.. जमीन से 11 किमी नीचे था केंद्र

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में दोपहर 12:51 बजे 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 11 किलोमीटर नीचे था।

Pithoragarh Earthquake: Earthquake Hits Uttarakhand Pithoragarh
Image: Earthquake Hits Uttarakhand Pithoragarh (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: उत्तराखंड में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, पिथौरागढ़ में दोपहर 12:51 बजे 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 11 किलोमीटर की गहराई में था। उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में भूकंपरोधी निर्माण और भवनों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है।

Earthquake Hits Uttarakhand’s Pithoragarh, Magnitude 3.7

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, पिथौरागढ़ में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 दर्ज की गई। इसका केंद्र जमीन के भीतर 11 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के झटकों से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। आगे पढ़िए..

ये भी पढ़ें:

भूकंप के खतरे को देखते हुए निर्माण में सतर्कता जरूरी

उत्तराखंड भूकंपीय जोखिम वाले हिमालयी क्षेत्र में आता है। ऐसे इलाकों में भवनों और अन्य संरचनाओं का निर्माण निर्धारित भूकंपरोधी मानकों के अनुसार किया जाना महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों के अनुसार, सुरक्षित निर्माण तकनीकों और भवन निर्माण संबंधी नियमों का पालन भूकंप के दौरान संभावित नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है।

भूकंपीय क्षेत्रीकरण को लेकर क्या है अहम बात?

भूकंप के जोखिम का आकलन करने के लिए देश में भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र और संबंधित मानकों का इस्तेमाल किया जाता है। निर्माण के दौरान लागू भारतीय मानकों और विशेषज्ञों की सलाह का पालन करना जरूरी है।
भूकंप की तीव्रता, केंद्र और गहराई से संबंधित जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के आंकड़ों के आधार पर दी गई है। उत्तराखंड को नए मानचित्र में आधिकारिक तौर पर ‘जोन छह’ में रखे जाने के दावे को प्रकाशित करने से पहले भारतीय मानक ब्यूरो के मूल दस्तावेज से सत्यापित करना उचित होगा।