उत्तराखंड: गुलदार के हमले में महिला की मौत..अनाथ हो गए 4 बच्चे (Pithoragarh leopard attack on women)
Connect with us
Image: Pithoragarh leopard attack on women

उत्तराखंड: गुलदार के हमले में महिला की मौत..अनाथ हो गए 4 बच्चे

गुलदार के हमले में जान गंवाने वाली महिला का पति पिछले कई साल से लापता है। घर में चार बच्चे हैं। मां की मौत के बाद घर का चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है।

पहाड़ में इंसानों और वन्यजीवों के बीच संघर्ष थम नहीं रहा। गुलदार के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे लोग डरे हुए हैं। ताजा मामला पिथौरागढ़ के देवलथल तहसील का है। जहां हराली गांव में गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे मार डाला। गुलदार के हमले में मरने वाली महिला के चार बच्चे हैं। उसका पति पिछले कई साल से लापता है। महिला की मौत के बाद अब उसके बच्चे अनाथ हो गए हैं। उनके सामने परवरिश का संकट पैदा हो गया है। घटना के बाद से लोगों में वन विभाग और प्रशासन को लेकर गुस्सा है। ग्रामीणों के पास गुस्से की वजह भी है। दरअसल क्षेत्र में गुलदार के हमले में मौत की ये पहली घटना नहीं है। दो महीने के भीतर क्षेत्र में ऐसी 3 घटनाएं हो चुकी हैं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड के जांबाज पुलिस अफसरों को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस पदक..बधाई दीजिए
पहले मोड़ी गांव में गुलदार ने एक महिला को मारा, बाद में रिण में भी एक महिला गुलदार का निवाला बन गई और अब हराली गांव में भी यही हुआ। घटना सोमवार की है। देवलथल के हराली गांव में रहने वाले शंकर राम की पत्नी 40 वर्षीय खीमा देवी पास के जंगल में घास काटने गई थी। साथ में गांव की अन्य महिलाएं भी थीं। इस दौरान घात लगाए गुलदार ने खीमा पर हमला कर दिया। गुलदार ने महिला का गला दबोच लिया। साथ की महिलाएं शोर मचाने लगीं, लेकिन गुलदार ने खीमा को नहीं छोड़ा। कुछ देर बाद गुलदार जंगल में चला गया। गुलदार के जाने के बाद महिलाएं मौके पर पहुंचीं तो खीमा की मौत हो चुकी थी। बाद में ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिला पर हमला करने से पहले तेंदुए ने पास में ही घास चर रही एक बकरी को भी मारा था।

यह भी पढ़ें - ना GMVN, न KMVN..अब उत्तराखंड विकास निगम कहिए जनाब
खीमा देवी की मौत के बाद उसके चार बच्चे अनाथ हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खीमा देवी का पति पिछले कई साल से लापता है। वो बकरी पालकर और घास बेचकर बच्चों को पाल रही थी, लेकिन अब मां की मौत के बाद बच्चों का एकमात्र सहारा भी छिन गया है। खीमा की बड़ी बेटी डिग्री कॉलेज में पढ़ती है जबकि एक इंटर में है। दो छोटे बेटे हैं। मां की मौत के बाद परिवार का चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा देने की मांग की। आपको बता दें कि इससे पहले 17 और 19 दिसंबर को भी गुलदार के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने कहा कि अगर वन विभाग ने समय रहते सुरक्षा के उपाय किए होते तो शायद खीमा देवी की जान बच जाती।

Loading...

Latest Uttarakhand News Articles

वीडियो : बाघ-तेंदुओं से अकेले ही भिड़ जाता है पहाड़ का भोटिया कुत्ता
वीडियो : IPS अधिकारी के रिटायर्मेंट कार्यक्रम में कांस्टेबल को देवता आ गया
वीडियो : आछरी - गढ़वाली गीत

उत्तराखंड की ट्रेंडिंग खबरें

वायरल वीडियो

इमेज गैलरी

SEARCH

पढ़िये... उत्तराखंड की सत्ता से जुड़ी हर खबर, संस्कृति से जुड़ी हर बात और रिवाजों से जुड़े सभी पहलू.. rajyasameeksha.com पर।


Copyright © 2017-2021 राज्य समीक्षा.

To Top