हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर से एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गाय ने ऐसी बछिया को जन्म दिया है, जिसके दो मुंह, चार आंखें और तीन कान हैं। इस अनोखे जन्म की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी और बछिया को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। हालांकि यह दुर्लभ घटना जितनी आश्चर्यजनक है, उतनी ही जन्मदात्री गाय और नवजात बछिया के लिए चुनौतीपूर्ण भी रही है।
Two-Headed Calf Born in Haldwani, Draws Public Attention
मामला हल्द्वानी के गोरापड़ाव स्थित डी-क्लास क्षेत्र का है। पशुपालक महेश चंद्र बचकेती और हंसी बचकेती के घर बुधवार शाम करीब पांच बजे गाय ने इस दुर्लभ बछिया को जन्म दिया। पशुपालकों के अनुसार बछिया के दो सिर होने के कारण प्रसव सामान्य नहीं था। जन्म के समय उसे बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई और पशु चिकित्सकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लंबे प्रयासों के बाद सफलतापूर्वक प्रसव कराया गया।
दो मुंह और चार आंखें, फिर भी पी रही है दूध
बछिया की शारीरिक बनावट सामान्य पशुओं से पूरी तरह अलग है। उसके दो मुंह, चार आंखें और तीन कान हैं, जबकि शरीर एक ही है। पशुपालक बताते हैं कि फिलहाल बछिया जीवित है और दूध भी पी रही है। आगे पढ़िए..
ये भी पढ़ें:
हालांकि, दो सिर होने के कारण उसे गर्दन संभालने और अपने शरीर का भार उठाने में कठिनाई हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती दिनों में लगातार निगरानी और विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।
आखिर क्यों जन्म लेते हैं ऐसे दुर्लभ पशु?
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. आर.के. पाठक के अनुसार इस प्रकार की स्थिति को पशु चिकित्सा विज्ञान में "पॉलीसेफली (Polycephaly)" कहा जाता है। यह एक दुर्लभ जन्मजात विकृति है, जिसमें भ्रूण के विकास के दौरान कोशिकाओं का विभाजन पूरी तरह नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप शरीर एक रहता है लेकिन सिर दो विकसित हो जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति बेहद दुर्लभ होती है और लाखों जन्मों में कभी-कभार देखने को मिलती है।
इलाके में बना कौतूहल का विषय
अनोखी बछिया के जन्म की खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रही है। स्थानीय लोग इसे देखने के लिए पशुपालक के घर पहुंच रहे हैं। कई लोग इसे प्रकृति का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि विशेषज्ञ इसे एक दुर्लभ जैविक और वैज्ञानिक घटना बता रहे हैं।
डॉक्टरों की निगरानी में बछिया
पशुपालक परिवार ने बताया कि बछिया की लगातार निगरानी की जा रही है और पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उसकी देखभाल की जा रही है। फिलहाल बछिया की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन आने वाले दिनों में उसका स्वास्थ्य कैसा रहता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।