देहरादून: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने उत्तराखंड के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आपदा के बाद उत्तराखंड से जुड़े दो लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें देहरादून के इंजीनियर सुबोध बेलबेस और धारचूला के गुर्गुवा गांव की मीना गुप्ता शामिल हैं। दोनों मामलों में नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से तलाश और संपर्क के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड प्रशासन ने भी मामले की जानकारी केंद्र सरकार को दी है।
2 Uttarakhand People Missing After Nepal Floods
देहरादून के सुबोध बेलबेस नेपाल के अपर त्रिशूली थ्री-बी हाइड्रो प्रोजेक्ट में सिविल इंजीनियर के रूप में तैनात हैं। उन्होंने देहरादून के तुलाज इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और वर्ष 2024 में डिग्री हासिल की थी। आपदा के बाद सुबोध से संपर्क नहीं हो पा रहा है। तुलाज इंस्टीट्यूट के नेपाल स्टूडेंट अफेयर डिपार्टमेंट के प्रभारी दीपक बहुगुणा के अनुसार, संस्थान की ओर से सुबोध के बैचमेट से बात की गई, जिन्होंने उनके लापता होने की जानकारी दी। बताया गया है कि नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन सुबोध की तलाश में जुटे हुए हैं।
धारचूला की मीना गुप्ता भी लापता
नेपाल आपदा में उत्तराखंड के धारचूला क्षेत्र की मीना गुप्ता के लापता होने की सूचना भी सामने आई है। वह धारचूला के गुर्गुवा गांव की रहने वाली हैं। उनके भाई चंचल धामी ने गुरुवार को आपदा प्रबंधन विभाग की हेल्पलाइन पर संपर्क कर मीना के लापता होने की जानकारी दी।
प्रशासन के अनुसार, मीना ब्रिटिश नागरिक हैं और एक आध्यात्मिक संस्थान के कार्यक्रम में शामिल होने नेपाल गई थीं। वह 77 सदस्यीय दल के साथ नेपाल के ग्योरांग में थीं। आपदा के बाद से इस दल के सदस्यों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, मीना के लापता होने की जानकारी केंद्र सरकार को दे दी गई है।
नेपाल में फंसे रिश्तेदारों को लेकर दून में बढ़ी चिंता
नेपाल में आई आपदा के बाद देहरादून में रहने वाले नेपाली मूल के परिवार भी परेशान हैं। कई लोगों के रिश्तेदार और करीबी नेपाल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद हैं। दून के पुरोहितवाला, गढ़ी कैंट निवासी उपाध्याय परिवार के कुछ रिश्तेदार नवलपुर और नारायणघाट में रहते हैं। आगे पढ़िए..
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परिवार की उमा उपाध्याय ने बताया कि गुरुवार को कुछ मिनट के लिए रिश्तेदारों से बात हुई थी, लेकिन इसके बाद फोन कट गया। नेटवर्क की समस्या के कारण अब संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में परिजन सोशल मीडिया के माध्यम से नेपाल के हालात की जानकारी जुटा रहे हैं।
नेपाल आपदा से देहरादून के पर्यटन कारोबार पर भी असर
नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर देहरादून के पर्यटन कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। सुरक्षा कारणों के चलते नेपाल जाने वाले यात्रियों ने अपनी एडवांस बुकिंग रद्द करानी शुरू कर दी हैं। सितंबर में पर्यटन कारोबार में तेजी आने की उम्मीद थी, लेकिन आपदा के बाद ट्रैवल कारोबारी चिंतित हैं। पंवार टैक्सी सर्विस के मालिक भगवान सिंह पंवार के अनुसार, पशुपतिनाथ और लुंबिनी दर्शन के लिए करीब 500 लोगों के दो बड़े ग्रुप की बुकिंग थी। नेपाल के होटलों को एडवांस टोकन मनी भी दी जा चुकी थी, लेकिन आपदा के बाद यात्रियों ने यात्रा रद्द कर दी। वहीं, भट्ट टूर एंड ट्रैवलिंग के संचालक दीपक भट्ट ने बताया कि 25 सितंबर को काठमांडू जाने वाले 60 लोगों की बुकिंग भी रद्द हो गई है। ट्रैवल कारोबारियों के मुताबिक, मानसून के दौरान पहले से ही बुकिंग कम थी और सितंबर में कारोबार बढ़ने की उम्मीद थी। अब नेपाल में आई आपदा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
उत्तराखंड सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में आपदा के बाद उत्तराखंड सरकार ने नागरिकों की सहायता और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये हेल्पलाइन 24 घंटे संचालित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून डॉ. आशीष चौहान ने लोगों से अपील की है कि नेपाल में मौजूद अपने परिजनों की जानकारी या किसी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क करें।
उत्तराखंड नेपाल आपदा हेल्पलाइन नंबर
0135-2710334
0135-27103350135-2664314
0135-2664315
0135-2664316
मोबाइल: 8218877005
टोल फ्री: 1070
नेपाल में फंसे उत्तराखंड के लोगों की तलाश जारी
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तराखंड से जुड़े दो लोगों के लापता होने की सूचना ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से दोनों मामलों में संबंधित स्तर पर संपर्क और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल परिजन अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। वहीं, नेपाल की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को भी यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक एडवाइजरी की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।