पौड़ी गढ़वाल की ‘दामिनी’, विधवा मां का इकलौता सहारा थी..घर में शादी की तैयारी थी (Story of pauri garhwal girl)
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पौड़ी गढ़वाल की ‘दामिनी’, विधवा मां का इकलौता सहारा थी..घर में शादी की तैयारी थी

पौड़ी गढ़वाल की वो बेटी अब हमारे बीच नहीं है। वो अपनी विधवा मां का इकलौता सहारा थी और घर में शादी की तैयारियां चल रहीं थीं।

पौड़ी गढ़वाल की उस बेटी ने साल 200 में जन्म लिया था। पढ़ाई लिखाई में हमेशा अव्वल रही। वो अपने माता-पिता के साथ खुश थी लेकिन बीच में ही पिता साथ छोड़कर चले गए थे। अब परिवार में बूढ़ी मां और बेटी ही बची थीं। जिंदगी जैसे तैसे कट रही थी लेकिन एक हैवान की नज़र इस परिवार को लग गई। 16 दिसंबर को पौड़ी के कफोलस्यूं पट्टी की उस बेटी को एक हैवान ने पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया था। अब वो बेटी इस दुनिया में नहीं है और बूढ़ी मां की आंखें आंसुओं के सैलाब से पथरा सी गई हैं। मां ने कभी भी बेटी को किसी तरह की कमी नहीं होने दी। बताया जाता है कि साल 2013 में किसी बीमारी के चलते उस बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया। बेटी साथ में थी तो मां ने कभी हिम्मत नहीं हारी। जैसे तैसे मां ने अपनी बेटी को आगे की पढ़ाई के लिए तैयार करने का मन बनाया था। आगे की कहानी और भी दर्दनाक है।

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विधवा मां ने अपनी बेटी की शिक्षा के लिए कभी कोई कमी नहीं होने दी। लाडली ने बीएससी की पढ़ाई का मन बनाया, तो मां ने अपनी बेटी का साथ दिया। बेटी का कॉलेज गांव से काफी दूर था, तो मां ने पाई-पाई जोड़कर बेटी को स्कूटी दे दी। अब मां का सपना था कि बेटी पढ़ लिख ले और फिर उसकी शादी कराकर दूसरे घर भेजा जाए। इस बीच 16 दिसंबर की शाम उस मां की जिंदगी में कहर बनकर टूटी। एक हैवान ने कॉलेज से घर लौट रही उस बेटी पर पेट्रोल छिड़क लिया और आग के हवाले कर लिया। बताया जाता है कि आरोपी ने कुछ वक्त पहले भी उस बेटी से छेड़छाड़ की कोशिश की थी, तो उस दौरान मां ने उसे थप्पड़ जड़ दिया था। उस बात का बदला लेने के लिए आरोपी के भीतर ज्वालामुखी फूट रहा था। फिर वो हुआ जो किसी ने भी नहीं सोचा था।

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पहले उस सनकी ने उस बेटी को आग के हवाले किया और बताया जाता है कि इसके बाद मां को फोन किया। फोन पर मां से कहा कि ‘तुम्हारी बेटी को आग के हवाले कर दिया है, अब बचा सकती हो तो बचा लो।’ बेटी को बचाने की लाख कोशिशें की गई। एयर एंबुलेंस से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गमगीन माहौल में दिवंगत बेटी का अंतिम संस्कार किया गया। छात्रा के चाचा ने उसे मुखाग्नि दी। बेटी को अंतिम विदाई देने के लिए कफलस्यूं पट्टी गांव के नयार नदी तट पर हजारों लोग एकत्रित हुए। अपनी बेटी को खोने का गम और रोष कफल्सयों पट्टी के लोगों के चेहरे पर साफ देखा जा रहा था। अब आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग है। देखिए आगे क्या होता है।

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