Connect with us
Uttarakhand Government Coronavirus donate Information
Image: ACTION TAKEN ON DOCTORS IN BAGESHWAR

देवभूमि की दबंग DM..अस्पताल से गायब मिले डॉक्टर, सभी की सैलरी रोक दी

सरकारी अस्पताल से गायब रहने वाले डॉक्टर्स और लापरवाह स्टाफ के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है...यहां पढ़िए पूरी खबर

उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की तमाम कोशिशें कर ले, लेकिन जब तक डॉक्टर अस्पताल में टिकेंगे नहीं तब तक ये कोशिशें कामयाब नहीं होने वाली...लेकिन शुक्र है कि कुछ जिलाधिकारी ऐसे हैं, जिनकी पैनी निगाहों से ऐसे डॉक्टर नहीं बचते। ताजा मामला बागेश्वर का है। बागेश्वर के अस्पताल में भी डॉक्टर टिक नहीं रहे। अस्पताल में डॉक्टर तो हैं, लेकिन उनका होना ना होना बराबर है। ये मनमर्जी के मालिक हैं और जब-तब छुट्टी पर रहते हैं। अब इन्हें लाइन पर लाने के लिए डीएम रंजना राजगुरु ने प्रभारी सीएमएस सहित 13 कर्मचारियों की सैलरी रोक दी है। वहीं बार-बार बिना बताए छुट्टी पर जाने वाले मुख्य चिकित्साधीक्षक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। मामला श्याम लाल साह गंगोला जिला अस्पताल का है, जहां अव्यवस्थाओं का आलम आम है। इससे मरीज तो परेशान हैं ही अस्पताल प्रबंधन भी लाचार है…

यह भी पढें - देहरादून में 12वीं की छात्रा से प्रिंसिपल ने की छेड़छाड़..गुस्साए लोगों ने जमकर पीटा
देर से ही सही अब जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी फॉर्म में आ गए हैं और उन्होंने गैर जिम्मेदार और बिना बताए छुट्टी पर जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना बताए बार-बार छुट्टी पर चले जाने पर प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. एसपी त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं उनका वेतन रोकने की भी संस्तुति की गई है। हॉस्पिटल से गायब रहने वाले एनेस्थेटिस्ट डॉ. विकास वर्मा की भी सैलरी रोक दी गई है, पता चला है कि वो भी बिना बताए कई दिनों से अस्पताल से गायब हैं। अस्पताल से डॉक्टर्स के गायब रहने का ये सिलसिला शायद यूं ही चलता रहता अगर एक मरीज ने डीएम ने शिकायत ना की होती। दरअसल ये मरीज इलाज के लिए अस्पताल आया था, लेकिन उसे इलाज नहीं मिला…मामला डीएम तक पहुंचा तो उन्होंने इस पर तुरंत एक्शन लिया और उस दौरान ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक सहित 13 चिकित्सकीय स्टाफ के भी वेतन रोकने के निर्देश दे दिए।

यह भी पढें - उत्तराखंड: जहर खाने से फौजी की पत्नी की मौत ...5 महीने पहले ही हुई थी शादी
सीएमओ तो पहले से ही परेशान थे और लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई का मौका ढूंढ रहे थे, ऐसे में उन्हें जैसे ही जिलाधिकारी के निर्देश मिले उन्होंने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी। बता दें कि अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट ना होने से मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे थे। गर्भवती महिलाओं की हालत गंभीर हो जाती थी तो उन्हें दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। एक एनेस्थिसियन डॉ. विकास वर्मा बिना बताए गायब हैं। दूसरे एनेस्थिसियन डॉ. सीएस भट्ट 6 महीने की ट्रेनिग में गए हैं। जिस वजह से अस्पताल में छोटे-मोटे ऑपरेशन भी नहीं हो रहे। बहरहाल डीएम के निर्देश पर इन डॉक्टरों और स्टाफ की सैलरी रोक दी गई है। वैसे ये कदम काफी पहले उठा लिया जाना चाहिए था, पर चलो देर आए दुरुस्त आए...उम्मीद है इस मामले से दूसरे अस्पताल प्रबंधन भी सबक लेंगे और लापरवाह डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने से झिझकेंगे नहीं।

Loading...

Latest Uttarakhand News Articles

वीडियो : आछरी - गढ़वाली गीत
वीडियो : IPS अधिकारी के रिटायर्मेंट कार्यक्रम में कांस्टेबल को देवता आ गया
वीडियो : उत्तराखंड का अमृत: किलमोड़ा

उत्तराखंड की ट्रेंडिंग खबरें

वायरल वीडियो

इमेज गैलरी

SEARCH

To Top