गढ़वाल: 6 घंटे तक DM ऑफिस के बाहर पेड़ पर चढ़ी रही महिलाएं..नीचे उतरवाने में छूटे पसीने (Women outside DM office in Pauri Garhwal)
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Image: Women outside DM office in Pauri Garhwal

गढ़वाल: 6 घंटे तक DM ऑफिस के बाहर पेड़ पर चढ़ी रही महिलाएं..नीचे उतरवाने में छूटे पसीने

7 घंटे के बाद प्रशासनिक अधिकारी द्वारा आश्वस्त किए जाने के बाद ही दोनों महिलाएं पेड़ से नीचे उतरीं।

उत्तराखंड का पौड़ी गढ़वाल...यहां पर बीते 3 महीनों से महिलाएं पेंशन सहित अन्य मांगों के लिए आंदोलन कर रही हैं। मीडिया की नजरों से दूर इन औरतों का आंदोलन पिछले 3 महीने से चल रहा है। मगर शासन उनकी तरफ ध्यान देता दिखाई नहीं दे रहा है। महिलाएं 3 महीने से प्रतिरोध में आवाज उठा रही हैं। पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर और प्रशासन की लापरवाही को देखते हुए महिलाएं 3 महीने से लगातार प्रदर्शन कर रही हैं मगर अब इस प्रदर्शन ने एक नया और अनोखा मोड़ लिया है जिसके बाद से ही यह लोगों के बीच एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है। बीते मंगलवार को पौड़ी गढ़वाल में आंदोलन कर रही महिलाओं में से सुबह 8:00 बजे दो आंदोलनकारी महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के बाहर मौजूद देवदार के पेड़ पर चढ़ गईं।

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आंदोलनकारी रेवती देवी और कांति देवी दोनों मंच के बैनर तले जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के बाहर पेड़ पर चढ़ गईं और उन्होंने कहा कि वे पेड़ से तभी उतरेंगी जब उनकी मांग सुनी जाएगी। उनका कहना है की पेंशन सहित अन्य मांगों के लिए महिलाएं तीन महीनों से आंदोलन कर रही हैं, मगर प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उसके बाद मजबूर में उनको यह कदम उठाना पड़ा। वहीं 7 घंटे के बाद प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने के बाद ही वे दोनों महिलाएं पेड़ से उतरीं। 3 महीने से चले आ रहे इस आंदोलन ने बीते मंगलवार को खतरनाक रूप धारण कर लिया जब महिलाओं का सब्र भी जवाब दे गया तो उन्होंने जिला कार्यालय के बाहर कुछ समय के लिए जाम भी लगा दिया। वहीं आंदोलन कर रही महिलाओं में से 2 महिलाएं तो जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के बाहर देवदार के वृक्ष पर ही चढ़ गईं। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन और सरकार उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं करेगी या उनकी बात नहीं सुनेगी तब तक वे पेड़ से नीचे नहीं उतरेंगी। इस बात की सूचना मिलने पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

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आंदोलनकारी महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 3 महीने से आंदोलन कर रही हैं मगर न ही सरकार, न ही जनप्रतिनिधि और न ही कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार है। 7 घंटे तक महिलाओं के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत की और उनको आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर कार्यवाही की जाएगी। 7 घंटे के बाद दोनों महिलाएं वापस पेड़ से नीचे उतरीं। वहीं चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के प्रदेश महासचिव बीरा भंडारी का कहना है महिलाएं सुबह 8 बजे से पेड़ पर चढ़ गई थीं और दोपहर तकरीबन 1:30 बजे एडीएम डॉ एस के बरनवाल महिलाओं से वार्तालाप करने पहुंचे और उन्होंने वार्तालाप में महिलाओं को यह आश्वासन दिया कि उनकी मांग को जल्द ही एक बार फिर से चिन्हीकरण समिति के सामने रखा जाएगा।

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